
राजनीति से ऊपर उठे योगी; अखिलेश की बेटी के अपमान पर भड़के, FIR करायी
सपा मुखिया अखिलेश यादव की पुत्री पर अभद्र टिप्पणी मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ का तत्काल एक्शन; पुलिस को FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश.
UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में कटुता और राजनीतिक मतभेदों से परे हटकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया है. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बड़ी बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में सीएम योगी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. आजमगढ़ दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने शनिवार (13 जून 2026) को एक जनसभा के दौरान साफ कहा कि बेटियों का सम्मान सर्वोपरि है और राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी की बेटी के खिलाफ अमर्यादित भाषा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से इस बात का खुलासा किया कि जैसे ही यह संवेदनशील मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के तुरंत पुलिस के आला अधिकारियों को तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए.
'गांव की बेटी सबकी बेटी' सीएम योगी ने अखिलेश यादव को याद दिलाए संस्कार
आजमगढ़ में दहाड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति और ग्रामीण परिवेश के संस्कारों का हवाला देते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला:
"बेटी तो बेटी होती है, उसके खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए. हम लोग जिस सनातन संस्कार में पले-बढ़े हैं, वहां माना जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है और गांव की बहन सबकी बहन होती है. हमने इस मामले में त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए हैं क्योंकि हम बेटियों की सुरक्षा और सम्मान में कोई भेदभाव नहीं करते."
'अखिलेश जी, अपने चेले-चपाटों को समझाओ, नहीं तो हम समझा देंगे'
सपा मुखिया अखिलेश यादव को सीधे नसीहत देते हुए सीएम योगी ने उनके कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया टीम की भाषा शैली पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा:
दूसरों को उपदेश देने से पहले खुद देखें: अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हैं, लेकिन अच्छा होगा कि पहले वे अपने 'चेले-चपाटों' को थोड़ा उपदेश दे दें कि वे अपनी भाषा को संयमित रखें.
अपने लोगों को संस्कारित कीजिए: दूसरों के प्रति कोई भी अभद्र टिप्पणी करने से पहले स्वयं सोचना चाहिए कि उनके लोग (सपा कार्यकर्ता) किस प्रकार की भाषा का प्रयोग हमारी माताओं-बहनों, बेटियों, बुजुर्गों और यहां तक कि दिवंगत नेताओं के प्रति करते हैं.
दिलाया सख्त तेवरों का अहसास: सीएम योगी ने दोटूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "अखिलेश जी, अच्छा होगा कि आप अपने लोगों को समझा लें. अगर वे आपकी बात से नहीं समझे, तो फिर हमें बता दीजिएगा, हमारे पास उन्हें अच्छे से समझाने के कई और तरीके हैं."
क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की बड़ी बेटी को निशाना बनाकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही थीं. इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के समर्थकों में भारी आक्रोश था. शनिवार को आजमगढ़ की धरती से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने, एफआईआर दर्ज कराने और सपा को कड़ा संदेश देने के बाद सूबे की राजनीति में भूचाल आ गया है. यूपी पुलिस अब इस मामले में दोषियों की धरपकड़ के लिए साइबर सेल की मदद से छापेमारी कर रही है.
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