
कोहनी टकराने पर कत्ल: दिल्ली में 9वीं के छात्र हत्या, जंगल में मिला शव
दिल्ली में खौफनाक वारदात सामने आई है। जहां मामूली कोहनी टकराने पर 9वीं के छात्र की जंगल में ले जाकर हत्या कर दी गई...
दिल्ली के मैदानगढ़ी स्थित भाटी माइंस इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां महज कोहनी टकराने जैसे तुच्छ विवाद (Trivial Dispute) के बाद 14 वर्षीय छात्र आयुष की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, विवाद के बाद गुस्साए दो नाबालिग आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत आयुष को बहला-फुसलाकर जंगल में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया।
मामूली विवाद और हत्या की साजिश
राजधानी दिल्ली के मैदानगढ़ी स्थित भाटी माइंस इलाके से एक रूहं काप देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज कोहनी टकराने जैसे मामूली विवाद में 14 वर्षीय छात्र आयुष की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि रास्ते में चलते समय आयुष की कोहनी एक अन्य नाबालिग से टकरा गई थी, जिससे वह आगबबूला हो गया। विवाद को खत्म करने के बहाने दो नाबालिग आरोपी आयुष को बहला-फुसलाकर पास के जंगल में ले गए। वहां आरोपियों ने पहले पत्थर से उसके सिर पर वार किया और फिर गला घोंटकर उसे मौत की नींद सुला दिया।
परिजनों का पुलिस पर लापरवाही का आरोप
इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। मृतक के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुलिस चौकी का घेराव किया। परिवार का आरोप है कि आयुष के लापता होने के बाद जब वे शिकायत लेकर पहुंचे तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। स्थिति को बिगड़ता देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
गुमशुदगी से शव मिलने तक का घटनाक्रम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आयुष अपनी कक्षा 9 की पढ़ाई कर रहा था और संजय कॉलोनी, भाटी माइंस में रहता था। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे वह घर से खाने-पीने का सामान लेने निकला था। लेकिन जब वह देर शाम तक नहीं लौटा तो परिजनों ने मैदानगढ़ी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच के दौरान डीसीपी (साउथ) अनंत मित्तल ने बताया कि इलाके से दो अन्य लड़कों के गायब होने की सूचना मिली। संदेह के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी को भाटी माइंस से हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया। मंगलवार शाम को आयुष का शव घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर जंगल से बरामद हुआ। शव के कान से रक्तस्राव हो रहा था और गर्दन पर गहरे घाव के निशान मिले हैं।
साजिश के तहत दिया वारदात को अंजाम
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि विवाद के बाद उन्होंने समझौते का नाटक किया। उन्होंने एक मरे हुए कुत्ते को दफनाने में मदद मांगने के बहाने आयुष को सुनसान जंगल की ओर चलने के लिए राजी किया। निर्जन स्थान पर पहुंचते ही उन्होंने अचानक हमला बोल दिया।
नस्लीय टिप्पणी के आरोपों की जांच
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों नाबालिग आरोपियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के समक्ष पेश किया है। इस बीच पीड़ित परिवार ने एक और गंभीर आरोप लगाया है कि इलाके के कुछ लड़के आयुष को 'बिहारी' कहकर चिढ़ाते और प्रताड़ित करते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस नस्लीय भेदभाव वाले कोण की भी गहनता से जांच कर रहे हैं।

