
दिल्ली में फिर भीषण अग्निकांड, तुगलकाबाद में 6 मंजिला इमारत में आग, 3 लोगों की दर्दनाक मौत
आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर पर बनी पार्किंग में खड़े दोपहिया वाहनों में लगी थी। देखते ही देखते गाड़ियों की टंकियां फटने लगीं और आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर आग का तांडव देखने को मिला है। दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन इलाके में शुक्रवार तड़के एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि राहत और बचाव दल (DFS) ने मुस्तैदी दिखाते हुए छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। झुलसे और धुएं से बीमार हुए लोगों को कैट्स (CATS) एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आखिर आधी रात को इस हंसते-खेलते इलाके में यह मातम कैसे पसरा?
1. आधी रात को मची चीख-पुकार
घटना शुक्रवार तड़के करीब ढाई बजे की है। जब पूरी दिल्ली गहरी नींद में सो रही थी, तब तुगलकाबाद एक्सटेंशन की गली नंबर 1 (नया तारा अपार्टमेंट के पास, मध्यम मार्ग) में स्थित एक इमारत में अचानक आग भड़क उठी। यह इलाका ओखला फायर स्टेशन-1 के अधिकार क्षेत्र में आता है।
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, रात 2:35 बजे से 2:37 बजे के बीच उनके पास लगातार कई डिस्ट्रेस कॉल्स आए। फोन करने वाले लोग बेहद डरे हुए थे और उन्होंने बताया कि इमारत में आग लग गई है और कई लोग अंदर फंसे हुए हैं।
2. संकरी गलियों ने बढ़ाई दमकलकर्मियों की मुसीबत
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर यशवंत सिंह मीना ने बताया कि यह पूरी इमारत ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिला ऊंची है। इस हादसे में दमकल कर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाके की भौगोलिक स्थिति थी।
संकरी गली: इमारत एक बेहद तंग गली में स्थित थी, जिससे दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुँचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
फायर टेंडर की तैनाती: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत तीन वॉटर टेंडर, दो वॉटर बाउज़र, एक ब्रीदिंग सपोर्ट यूनिट और एक क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल को मौके पर भेजा।
3. पार्किंग से उठी चिंगारी और फैल गया जहरीला धुआं
शुरुआती जांच में जो बात सामने आ रही है, वह बेहद डराने वाली है। बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर पर बनी पार्किंग में खड़े दोपहिया वाहनों में लगी थी। देखते ही देखते गाड़ियों की टंकियां फटने लगीं और आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
पार्किंग में लगी आग के कारण पूरी सीढ़ी और लॉबी में जहरीला धुआं भर गया, जिससे ऊपर की मंजिलों पर रहने वाले लोगों का दम घुटने लगा और वे नीचे नहीं उतर सके।
तड़के करीब 3:45 बजे दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया और सुबह 4:00 बजे 'स्टॉप मैसेज' जारी कर दिया गया, जिसका मतलब था कि आग पूरी तरह बुझ चुकी है।
4. दिल्ली में आबादी के मुकाबले कम हैं फायर स्टेशन
इस हादसे ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के एक दस्तावेज के मुताबिक:
आबादी बनाम सुरक्षा: दिल्ली की करीब 3.3 करोड़ से ज्यादा की आबादी के लिए केवल 71 फायर स्टेशन हैं।
औसत: यानी औसतन 4.6 लाख नागरिकों की सुरक्षा के लिए सिर्फ एक फायर स्टेशन उपलब्ध है।
यह दर्दनाक हादसा दक्षिण दिल्ली के ही एक 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' (B&B) होटल में लगी आग के कुछ ही दिनों बाद हुआ है, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाकर 124 संपत्तियों को सील भी किया था।
5. दिल्ली-NCR में लगातार लग रही आग
हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली-एनसीआर से आग लगने की यह अकेली घटना नहीं है। इसके अलावा दो और बड़ी घटनाएं सामने आईं:
नोएडा सेक्टर-49: गुरुवार को नोएडा की एक रिहायशी सोसाइटी के फ्लैट में अचानक आग लग गई। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए फ्लैट के अंदर फंसे एक बुजुर्ग दंपत्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दिल्ली के केदार बिल्डिंग में पीजी फायर: दिल्ली की ही केदार बिल्डिंग में चल रहे एक पेइंग गेस्ट (PG) हॉस्टल में भी गुरुवार को आग भड़क उठी। इस पीजी में ज्यादातर छात्र रहते थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सबक कब सीखेगा प्रशासन?
तुगलकाबाद एक्सटेंशन का यह हादसा हमें बड़ी चेतावनी दे रहा है। संकरी गलियां, लटकते बिजली के तार और पार्किंग में असुरक्षित तरीके से खड़े वाहन किसी भी दिन काल बन सकते हैं। जब तक रिहायशी इलाकों में फायर सेफ्टी ऑडिट और नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होगा, तब तक बेकसूर लोग ऐसे ही हादसों का शिकार होते रहेंगे।

