
दिल्ली होटल अग्निकांड, मालिक ने कबूला- डर के कारण भाग गया था
दिल्ली के फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई। मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच जारी।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद फ्लोरिश स्टे (Flourish Stay) बेड-एंड-ब्रेकफास्ट के मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में बजाज ने स्वीकार किया कि आग लगने के दौरान वह घटनास्थल के पास से गुजरा था, लेकिन डर के कारण रुककर लोगों की मदद करने के बजाय वहां से चला गया।
पुलिस के अनुसार, आग लगने के कुछ घंटों बाद बजाज को गिरफ्तार किया गया। देर रात हुई पूछताछ में उसने बताया कि जब इमारत आग की लपटों में घिरी हुई थी और लोग बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तब वह अपनी कार से वहां से निकल गया। उसने स्वीकार किया कि भय के कारण उसने बचाव कार्य में कोई सहायता नहीं की।
आग के बाद कहां गया था बजाज?
पूछताछ में बजाज ने बताया कि वह सीधे अपने घर नहीं गया था। इसके बजाय वह लंबे समय तक इधर-उधर भटकता रहा। उसने यह भी बताया कि वर्ष 2022 में उसने यह भवन अहलूवालिया नामक व्यक्ति से खरीदा था और इसमें होटल-सह-गेस्ट हाउस का संचालन कर रहा था। इससे पहले इस भवन में खादी स्टोर संचालित होता था। उसके अनुसार, उस समय भी इमारत काफी जर्जर स्थिति में थी।
बजाज ने स्वीकार किया कि उसने बेड-एंड-ब्रेकफास्ट (BnB) योजना के तहत लाइसेंस प्राप्त किया था, जिसमें अधिकतम छह कमरों की अनुमति होती है। हालांकि, आरोप है कि वह बेसमेंट सहित कुल 25 कमरों का संचालन कर रहा था।
होटल प्रबंधन जय मिश्रा के हवाले था
बजाज ने पुलिस को बताया कि यद्यपि वह बीएंडबी का एकमात्र मालिक है, लेकिन उसने पूरे संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी जय मिश्रा को सौंप रखी थी। होटल से जुड़े सभी लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर जारी किए गए थे। फिलहाल पुलिस होटल मैनेजर जय मिश्रा की तलाश कर रही है।दिल्ली पुलिस बजाज द्वारा पूछताछ में किए गए सभी दावों की जांच कर रही है। उसे आज दोपहर करीब 2 बजे अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस पांच दिन की रिमांड की मांग कर सकती है।
सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही की आशंका
'इनक्रेडिबल इंडिया' बेड-एंड-ब्रेकफास्ट योजना वर्ष 2007 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षित और किफायती होम-स्टे को बढ़ावा देना था।
योजना के तहत निम्नलिखित नियम निर्धारित हैं:
एक संपत्ति में अधिकतम छह डबल-बेड कमरे।
मालिक का परिसर में निवास करना अनिवार्य।
भवन का आवासीय स्वरूप बनाए रखना।
अग्नि सुरक्षा, वेंटिलेशन और बुनियादी ढांचे के मानकों का पालन।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या फ्लोरिश स्टे इन सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा था या नहीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार था, जिससे लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया। इसके अलावा खिड़कियां सील थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर से संचालित होता था।
बेसमेंट से शुरू हुई आग
बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे बीएंडबी के बेसमेंट में आग लगी, जो तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। अधिकांश मेहमान उस समय सो रहे थे। आग बुझाने के लिए 17 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। करीब 58 लोगों को बचाकर नजदीकी मैक्स अस्पताल पहुंचाया गया।हालांकि, 21 लोगों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
एक परिवार के आठ सदस्यों की मौत
इस हादसे में एक ही परिवार के आठ लोगों की भी मौत हो गई। गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल अपने 80 वर्षीय पिता राधेश्याम अग्रवाल से मिलने दिल्ली आए थे, जिनका इलाज मैक्स अस्पताल में चल रहा है।उनके साथ पत्नी तरजनी अग्रवाल, दो बेटियां जीविषा और वार्या तथा चार अन्य रिश्तेदार भी आए थे। सभी ने फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में दो कमरे बुक किए थे और घटना के समय नाश्ता कर रहे थे।
इस दर्दनाक हादसे में परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई। अब इस परिवार में केवल विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल ही जीवित बचे हैं।यह हादसा राजधानी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

