दिल्ली में फिर निर्भया जैसी दरिंदगी! चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म
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प्रतीकात्मक चित्र।

दिल्ली में फिर 'निर्भया' जैसी दरिंदगी! चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म

दिल्ली में चलती बस के भीतर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं। 'आप' ने 'निर्भया कांड की पुनरावृत्ति' कहा...


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दिल्ली पुलिस ने एक बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है, जब एक महिला ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली में एक स्लीपर बस के अंदर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार, यह घटना 11 मई की रात को हुई थी। महिला के बयान के आधार पर, 12 मई को रानी बाग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) (दुष्कर्म), 70(1) (सामूहिक दुष्कर्म) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।

आरोपी गिरफ्तार और बस जब्त

एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। साथ ही, घटना में शामिल बस को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, पीड़िता काम के बाद अपने घर लौट रही थी, तभी सरस्वती विहार के बस स्टॉप पर एक स्लीपर बस रुकी।

घटनाक्रम के अनुसार, स्थितियां तब भयावह हो गईं, जब महिला से बस के दरवाजे पर खड़े एक व्यक्ति से समय पूछा। इसके बाद उसे खींचकर बस के अंदर कर लिया गया और बस नांगलोई की ओर तेजी से चल पड़ी। आरोप है कि इसी दौरान चलती बस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

चिकित्सा परीक्षण और कानूनी कार्रवाई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस का कहना है कि पीड़िता विवाहित है और उसके तीन बच्चे हैं। चिकित्सा परीक्षण के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और निर्भया कांड से तुलना

विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना की तुलना 2012 के ऐतिहासिक 'निर्भया' सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले से की है और इसे "बड़ी शर्म" का विषय बताया है। दिल्ली 'आप' प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में घटना की निंदा करते हुए कहा, "बड़ी शर्म की बात है - निर्भया कांड दोहराया गया। एक 30 वर्षीय महिला को रात में समय पूछने के बहाने बस में उठा लिया गया। इसके बाद चलती बस में करीब 2 घंटे तक उसके साथ कई लोगों ने दुष्कर्म किया। बस दिल्ली के रानी बाग इलाके में 7 किलोमीटर तक घूमती रही।"



स्कूलों और बसों में सुरक्षा पर सवाल

पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी 'एक्स' पर लिखा, "दिल्ली में एक और निर्भया कांड! लड़कियां स्कूलों में सुरक्षित नहीं हैं, बसों में सुरक्षित नहीं हैं!" इस घटना ने एक दशक से भी पहले पूरे देश को झकझोर देने वाले 2012 के दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म मामले की यादें ताजा कर दी हैं। उस मामले में, एक 23 वर्षीय फिजियोथेरेपी इंटर्न (निर्भया) पर 16 दिसंबर, 2012 की रात दक्षिण दिल्ली में एक निजी चलती बस के भीतर छह पुरुषों द्वारा हमला किया गया था, जिसकी बाद में इलाज के दौरान सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी।



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