नौकर की बेशर्मी दीदी पैसे देतीं तो ये न होता! हत्या और रेप की घटना
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आरोपी राहुल मीणा।

नौकर की बेशर्मी 'दीदी पैसे देतीं तो ये न होता!' हत्या और रेप की घटना

आरोपी राहुल मीणा पूरी तरह शांत है, उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वह बार-बार अपने बयान बदल रहा है। पुलिस का कहना है कि...


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दिल्ली में अपने पूर्व नियोक्ता की बेटी के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के आरोपी 19 वर्षीय घरेलू सहायक राहुल मीणा ने पुलिस को बताया कि उसका इरादा केवल पैसे चोरी करना था और वह हत्या नहीं करना चाहता था। हालांकि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद भी मीणा के चेहरे पर पछतावे का कोई भाव नहीं है। उसने पुलिस से कहा कि अगर 'दीदी' ने उसे पैसे देने से मना नहीं किया होता तो यह सब नहीं होता।

एक वरिष्ठ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी, जो एक इंजीनियरिंग स्नातक और यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रही थी, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पॉश कैलाश हिल्स इलाके में अपने घर में खून से लथपथ पाई गई थी। उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे।

पूछताछ के दौरान मीणा ने दावा किया कि वह चोरी के इरादे से घर में घुसा था। जब उससे पूछा गया कि उसने पीड़िता पर हमला क्यों किया तो उसने कहा, "मैं पैसा और जेवर चोरी करने के इरादे से आया था। लेकिन दीदी चिल्लाने लगीं, मुझे रोकने लगीं और विरोध करने लगीं। मैंने उन पर लैंप से वार किया और वह बेहोश हो गईं।" उसने बार-बार दोहराया "मैं मारना नहीं चाहता था पर हो गया।"

कोई पछतावा नहीं: हत्या का क्रूर घटनाक्रम

जांचकर्ताओं का कहना है कि मीणा बेहद शांत रहता है और उसने कई बार अपने बयान बदले हैं। मीणा इस परिवार के यहां आठ महीने तक 20,000 रुपये वेतन और बोनस पर काम कर चुका था। उसे काम से इसलिए निकाला गया था। क्योंकि उसे पड़ोस के अन्य घरेलू सहायकों से पैसे उधार लेने और दुकानदारों से उधार पर सामान लेने की आदत थी।

घर के नक्शे और परिवार की दिनचर्या से वाकिफ होने के कारण, उसने कथित तौर पर एक अतिरिक्त चाबी का उपयोग करके घर में प्रवेश किया और सीधे छत पर बने स्टडी रूम में चला गया। पीड़िता, जो एक आईआईटी (IIT) स्नातक थी, उस समय यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। जब उसने मीणा को वहां देखा और सवाल किया, तो उसने झूठ बोला: "आंटी ने बुलाया था काम से।"

इसके बाद मीणा ने पैसों की मांग की। इनकार करने पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हिंसक हो गई। महिला पर बोतल और लैंप से हमला किया गया, जिससे उसके चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद मोबाइल चार्जिंग केबल से उसका गला घोंट दिया गया।

महिला के बेहोश होने के बाद उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर वह शव को नीचे ले गया और पीड़िता की खून से सनी उंगली का उपयोग करके बायोमेट्रिक स्कैनर के जरिए तिजोरी खोलने की कोशिश की। लेकिन असफल रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तब तक महिला की मृत्यु हो चुकी होगी, यही कारण है कि बायोमेट्रिक स्कैनर ने उसके अंगूठे के निशान को स्वीकार नहीं किया।

इसके बाद उसने पेचकस (Screwdriver) से लॉकर तोड़कर 2 लाख रुपये नकद और 10 लाख रुपये के गहने चोरी किए, अपने कपड़े बदले और फरार हो गया। वह हरियाणा के रेवाड़ी जाने के लिए पालम रेलवे स्टेशन पहुंचा। लेकिन ट्रेन छूट जाने के कारण उसने द्वारका के एक होटल में कमरा बुक किया, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

'गंभीर और बर्बर अपराध'

पुलिस ने चोरी किए गए माल का अधिकांश हिस्सा बरामद कर लिया है, जिसमें से उसने लगभग 7,000 रुपये खर्च कर दिए थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरान के सामने पेश होने पर मीणा ने स्वीकार किया, “मुझसे अपराध हो गया… गलती हो गई।” इन आरोपों को “अत्यधिक गंभीर और क्रूर अपराध” बताते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आगे की जांच के लिए चार दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की है। पुलिस ने मीणा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत बलात्कार, हत्या और डकैती का मामला दर्ज किया है।

किसी भी कीमत पर चाहिए था पैसा

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मीणा का व्यवहार असामान्य रूप से संयमित रहा है। जब उससे पूछा गया कि क्या वह अपने किए से डरा हुआ है तो उसने दोहराया कि वह केवल पैसे के लिए आया था। खबरों के अनुसार उसने कहा, "मुझे किसी भी तरह पैसा चाहिए था।"

जब जांचकर्ताओं ने नैतिक आधार पर सवाल किया कि वह उस परिवार के यहां आठ महीने काम कर चुका था, तो उसने कहा: "वो लोग तो मेरे लिए भगवान थे। बहुत अच्छे थे दोनों। लेकिन मुझे पैसा चाहिए था।"

हिंसक व्यवहार और मनोवैज्ञानिक पहलू

रिपोर्ट्स के अनुसार, मीणा अपने गांव में भी हिंसक व्यवहार के लिए जाना जाता था और उसमें 'साइकौपैथिक' (Psychopathic) प्रवृत्तियां देखी गई हैं, जिसके कारण उसका विस्तृत मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि वह ऑनलाइन सट्टेबाजी और 'तीन पत्ती' जैसे कार्ड गेम का आदी था, जिसमें उसने पिछले कुछ महीनों में 7 लाख रुपये से अधिक गंवा दिए थे। इसी लत को पूरा करने के लिए वह अक्सर कर्ज लेता था और जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी ने उसे अपराध की ओर धकेला।

हालांकि, जांचकर्ताओं को संदेह है कि मीणा बलात्कार के इरादे से ही आया था। क्योंकि दिल्ली में इस जघन्य अपराध को अंजाम देने से कुछ घंटे पहले ही उस पर अलवर (राजस्थान) में एक अन्य महिला के साथ दुष्कर्म करने का संदेह है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की पुष्टि

दिल्ली एम्स (AIIMS) में किए गए पोस्टमॉर्टम ने पुष्टि की है कि युवती की मृत्यु गला घोंटने के कारण हुई थी। रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं, जिनमें उसकी बाहों, हाथों, पैरों और चेहरे पर खरोंचें और नाक की हड्डी का टूटना शामिल है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक विश्लेषण ने यौन शोषण और व्यापक शारीरिक चोटों की भी पुष्टि की है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत आरोपी के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और डकैती के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की विस्तृत मनोवैज्ञानिक जांच और आगे की पूछताछ जारी है।

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