MCD मेयर पद पर BJP का कब्ज़ा! प्रवेश वाही और मोनिका पंत के नाम पर मुहर
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प्रवेश वाही। फाइल फोटो।

MCD मेयर पद पर BJP का कब्ज़ा! प्रवेश वाही और मोनिका पंत के नाम पर मुहर

प्रवेश वाही होंगे दिल्ली के अगले मेयर। बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, डिप्टी मेयर पद पर भी दिग्गज का नाम भी तय। मोनिका पंत के नाम पर लग गई मुहर...


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दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर एक बड़ा रणनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के आगामी महापौर चुनाव के लिए प्रवेश वाही को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रवेश वाही का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। क्योंकि मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले ही इस चुनाव से हटने का ऐलान कर दिया है, जबकि अन्य किसी भी दल के पास आवश्यक बहुमत मौजूद नहीं है।

बीजेपी ने जारी की नामों की लिस्ट

बीजेपी ने गुरुवार दोपहर को आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। इसमें मेयर पद के लिए प्रवेश वाही और डिप्टी मेयर के पद के लिए मोनिका पंत के नाम पर मुहर लगाई गई है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए भी नियुक्तियां तय कर दी हैं...

जय भगवान यादव: सदस्य, स्थायी समिति एवं नेता सदन।

मनीष चड्ढा: सदस्य, स्थायी समिति।

प्रवेश वाही की जीत का गणित

आज नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। जानकारों का मानना है कि यदि कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरता है तो नए मेयर का निर्वाचन निर्विरोध संपन्न हो जाएगा। यदि कोई प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार खड़ा भी होता है, तो भी बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत है। एमसीडी के कुल 250 निगम पार्षदों में से बीजेपी के पास 123 पार्षद हैं, जो उसे जीत के काफी करीब ले जाते हैं।

आम आदमी पार्टी ने चुनाव से बनाई दूरी

एक चौंकाने वाले फैसले में, आम आदमी पार्टी ने आगामी मेयर चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए एक नई रणनीति का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि "आप" बीजेपी को दिल्ली में बदलाव करने का एक और मौका दे रही है ताकि जनता के बीच उनकी कार्यशैली का असली चेहरा पूरी तरह उजागर हो सके।

सौरभ भारद्वाज ने तर्क दिया कि पार्टी ने पिछले साल भी इसी रणनीति का पालन किया था ताकि बीजेपी के पास काम न करने के लिए कोई बहाना शेष न रहे। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल का अनुभव यह सिद्ध करता है कि केंद्र सरकार, एलजी, मुख्यमंत्री, मेयर और स्थायी समिति जैसे सभी महत्वपूर्ण पदों और संसाधनों पर नियंत्रण होने के बावजूद बीजेपी राजधानी की समस्याओं को हल करने में विफल रही है। उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा कि शासन चलाने की क्षमता केवल आम आदमी पार्टी के पास है, जबकि बीजेपी के पास "चार इंजन" होने के बाद भी दिल्ली की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

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