
हर किलोमीटर पर बढ़ीं हजारों संपत्तियां, बदला दिल्ली का नक्शा
जनगणना-2027 के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 2011 के मुकाबले आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की संख्या 65% बढ़कर 75.98 लाख हो गई है।
जनगणना-2027 के पहले चरण के शुरुआती आंकड़ों ने राजधानी दिल्ली के बदलते शहरी स्वरूप और जनसांख्यिकीय विस्तार की तस्वीर सामने रखी है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले लगभग डेढ़ दशक में दिल्ली में आवासीय और व्यावसायिक (कमर्शियल) संपत्तियों की संख्या में करीब 65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
46 लाख से बढ़कर 76 लाख के करीब पहुंची संपत्तियों की संख्या
जनगणना के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कुल 75.98 लाख सेंसस हाउस दर्ज किए गए हैं। इनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना में यह संख्या 46.05 लाख थी।इस तरह राजधानी में बीते 15 वर्षों के दौरान संपत्तियों की संख्या में लगभग 30 लाख की वृद्धि हुई है, जो तेज शहरीकरण और बढ़ती आबादी का संकेत देती है।
बाहरी दिल्ली में सबसे अधिक विस्तार
आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली के बाहरी इलाकों में आबादी और निर्माण गतिविधियों में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। यही वजह है कि राजधानी के केवल तीन जिलों में कुल सेंसस हाउस का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा दर्ज किया गया है।
दक्षिण-पश्चिम (South West) जिला : 8.20 लाख संपत्तियां
पश्चिम (West) जिला : 8.02 लाख संपत्तियां
उत्तर-पश्चिम (North West) जिला : 6.25 लाख संपत्तियां
इन तीनों जिलों में मिलाकर 16.80 लाख से अधिक परिवार निवास करते हैं, जो राजधानी के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल हैं।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली सबसे अधिक आबादी वाला जिला
दिल्ली के उत्तर-पूर्व (North East) जिले में कुल 8.04 लाख संपत्तियां दर्ज की गई हैं, जहां लगभग 6.13 लाख परिवार रहते हैं।हालांकि संपत्तियों की संख्या के मामले में यह शीर्ष पर नहीं है, लेकिन 29 लाख से अधिक आबादी के साथ यह दिल्ली का सबसे अधिक आबादी वाला जिला बनकर उभरा है। इससे क्षेत्र में जनसंख्या घनत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नई दिल्ली जिले में सबसे कम संपत्तियां
राजधानी के नई दिल्ली जिले (एनडीएमसी क्षेत्र) में सबसे कम 1.02 लाख संपत्तियां दर्ज की गई हैं।इस क्षेत्र में कुल 63,050 परिवार रहते हैं। सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और सीमित आवासीय क्षेत्रों के कारण यहां संपत्तियों और परिवारों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
प्रति वर्ग किलोमीटर बढ़ी संपत्तियों की संख्या
दिल्ली का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 1,483 वर्ग किलोमीटर है।जनगणना-2027 के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में अब प्रति वर्ग किलोमीटर औसतन 5,124 आवासीय या व्यावसायिक इकाइयां मौजूद हैं।वहीं, वर्ष 2011 में यह आंकड़ा 3,105 संपत्तियां प्रति वर्ग किलोमीटर था। इसका मतलब है कि पिछले डेढ़ दशक में प्रति वर्ग किलोमीटर औसतन 2,019 नई आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां जुड़ी हैं।
पहले चरण का काम पूरा, दूसरे चरण की तैयारी
दिल्ली में जनगणना-2027 का पहला चरण पूरा हो चुका है। इस चरण में 33 प्रश्नों के माध्यम से घरों की संख्या, उनमें रहने वाले परिवारों तथा उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र की गई।
अब जनगणना का दूसरा चरण अगले वर्ष मार्च में शुरू होगा। इस चरण में नागरिकों की आबादी, शिक्षा, पेशा, आयु, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाएंगी।
अंतिम रिपोर्ट से मिलेगी पूरी तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि पहले चरण के आंकड़े दिल्ली में तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार, आवासीय विकास और जनसंख्या दबाव को दर्शाते हैं। दूसरे चरण के पूरा होने के बाद जारी होने वाली अंतिम जनगणना रिपोर्ट राजधानी की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति की अधिक व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करेगी।

