चीखें, धुआं और बंद दरवाजा, दिल्ली में 20 लोग बचाए, 9 जीवन की जंग हारे
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फोटो: PTI

चीखें, धुआं और बंद दरवाजा, दिल्ली में 20 लोग बचाए, 9 जीवन की जंग हारे

सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जाली और छत का बंद दरवाजा बना काल। विवेक विहार की चार मंजिला इमारत में दो परिवारों के नौ लोगों की दम घुटने से मौत।


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नई दिल्ली, 3 मई 2026: दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम ही 9 निवासियों के लिए काल बन गए। ऊंची मंजिलों पर सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की खिड़की की ग्रिल और छत का बंद दरवाजा इस चार मंजिला इमारत में रहने वालों के लिए घातक साबित हुआ, जिसमें डेढ़ साल का मासूम बच्चा भी शामिल था।

इमारत की संरचना बनी 'डेथ ट्रैप'

इस भीषण अग्निकांड में मारे गए लोगों के लिए इमारत का जटिल लेआउट मौत का जाल बन गया। जांच में सामने आया कि इस 4 मंजिला रिहायशी इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही केंद्रीय सीढ़ी (Central Staircase) थी और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की कोई व्यवस्था नहीं थी।

इमारत की बनावट की सबसे बड़ी कमी यह थी कि प्रत्येक मंजिल को दो इकाइयों में विभाजित किया गया था। एक सामने की ओर और दूसरी पीछे की ओर। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने मीडिया को बताया कि जब इमारत के पिछले हिस्से में आग लगी तो पीछे वाले फ्लैटों में रहने वालों के लिए स्थिति जानलेवा हो गई। आग और धुएं के कारण अग्निशमन कर्मियों के लिए भी उन तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया।

लोहे की ग्रिल और बंद दरवाजे ने छीनी जान

पुलिस के अनुसार, खिड़कियों पर लगी भारी लोहे की ग्रिलों के कारण निवासी सुरक्षा के लिए बाहर नहीं कूद सके और न ही बचावकर्मियों को अंदर जाने का रास्ता मिल पाया। जैसे ही आग फैली, फ्लैटों के अंदरूनी प्रवेश द्वार लपटों और काले धुएं की चपेट में आ गए, जिससे इमारत के सामने की ओर निकलने का रास्ता भी बंद हो गया।

बचने की आखिरी उम्मीद में कई निवासी झुलसा देने वाली गर्मी और धुएं के बीच ऊपर छत की ओर भागे। लेकिन वहां पहुंचकर जो हुआ वह अत्यंत दुखद था, छत का दरवाजा बंद (Locked) था। बिना वेंटिलेशन और बढ़ते तापमान के बीच सीढ़ियों में फंसे 3 लोगों ने मदद पहुंचने से पहले ही धुएं के कारण दम तोड़ दिया।



विवेक विहार में हादसे के बाद का दृश्य। फोटो: PTI


चीख-पुकार और खौफ का मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तड़के 3:30 बजे आग लगने के बाद का दृश्य रूह कंपा देने वाला था। पड़ोसियों ने बताया कि चारों ओर फंसे हुए बड़ों और बच्चों की चीखें गूंज रही थीं। स्थिति इतनी भयावह थी कि दो बच्चों को आग की लपटों से बचने के लिए इमारत के सामने के हिस्से से कूदने की कोशिश करते देखा गया। सुबह करीब 8 बजे जब आग पर पूरी तरह काबू पाया गया, तब अधिकारियों को पता चला कि इस हादसे ने दो परिवारों के नौ सदस्यों की जान ले ली है।

तीसरी मंजिल पर, आग की लपटों ने एक और परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। इस मंजिल पर मरने वालों की पहचान नितिन जैन (50), उनकी पत्नी शैली जैन (48) और उनके 25 वर्षीय बेटे सम्यक जैन के रूप में हुई है। उनके शव छत के दरवाजे के पास एक साथ सिमटे हुए पाए गए, जो बाहर से बंद था। वे बचने की आखिरी उम्मीद में छत की ओर भागे थे। लेकिन बंद दरवाजे ने उनका रास्ता रोक दिया।

वहीं, पहली मंजिल पर शिखा जैन (45) मृत पाई गईं, जबकि उनके पति नवीन जैन (48) इस हादसे में जीवित बच गए। नवीन को गंभीर चोटें आई हैं और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

डीसीपी (DCP) मीणा ने पुष्टि की है कि इमारत से कुल नौ शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, "मौके पर आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही जारी है।"

एसी ब्लास्ट से शुरू हुई तबाही!

हालांकि पुलिस आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए अभी औपचारिक जांच कर रही है, लेकिन इलाके के एक निवासी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को बताया कि माना जा रहा है कि एक शक्तिशाली एयर-कंडीशनर (AC) ब्लास्ट के कारण यह भीषण हादसा हुआ।

शुरुआती अलार्म और बचाव कार्य

खतरे को सबसे पहले एक डिलीवरी एजेंट ने भांपा, जो देर रात उस इमारत में पहुंचा था। पुलिस को दिए गए अपने बयान में उसने बताया कि आग की शुरुआत बाहरी एयर-कंडीशनिंग आउटलेट से निकलने वाली चिंगारियों के रूप में हुई थी। जब तक स्थिति की गंभीरता समझ में आती, तब तक लपटें नियंत्रण से बाहर हो चुकी थीं।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि घटना स्थल पर 10 से अधिक दमकल की गाड़ियां पहुंची थीं। उन्होंने दमकल कर्मियों को सामने की बालकनियों के माध्यम से लगभग 20 लोगों को बचाते हुए देखा, जबकि पिछले फ्लैटों के कुछ निवासी खुद ही बाहर निकलने का रास्ता खोजने में सफल रहे। हालांकि, स्थानीय लोगों को अंदेशा था कि "एक या दो परिवार" अभी भी इमारत के भीतर फंसे हुए हैं, जो बाद में सच साबित हुआ।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को "अत्यंत दुखद" बताया है और आग में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।

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