
सिद्धारमैया ने किया बड़ा ऐलान, डीके शिवकुमार संभालेंगे कर्नाटक की कमान
कर्नाटक में कांग्रेस ने बड़ा बदलाव करते हुए डीके शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री घोषित किया है। सिद्धारमैया आज राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे।
कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव तय हो गया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया कि डीके शिवकुमार राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। इसके साथ ही राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।बैठक के दौरान सिद्धारमैया ने सभी विधायकों से डीके शिवकुमार का समर्थन करने की अपील की। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया दोपहर 3 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे।
मंत्रियों के साथ नाश्ते पर सिद्धारमैया
सत्ता परिवर्तन से पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों के लिए नाश्ते की बैठक आयोजित की। कर्नाटक के मंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि मुख्यमंत्री सभी मंत्रियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहते थे।
परमेश्वर ने कहा, “मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाया था। इस्तीफा देने से पहले वह सभी का आभार व्यक्त करना चाहते थे। मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि सिद्धारमैया को दिल्ली में किसी पद की पेशकश की गई है या नहीं। यह फैसला पार्टी हाईकमान पर निर्भर करता है।”
डीके शिवकुमार ने लिया सिद्धारमैया का आशीर्वाद
ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। सत्ता हस्तांतरण से पहले डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। जवाब में सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं दीं।कांग्रेस के भीतर इसे नेतृत्व परिवर्तन के दौरान एकजुटता और सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
विधायक बोले- पार्टी का फैसला मंजूर
मुख्यमंत्री आवास पर नाश्ते की बैठक में पहुंचे कांग्रेस विधायक बसवराज रायरेड्डी ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, सभी विधायक उसका पालन करेंगे।उन्होंने कहा, “मैं नाश्ते की बैठक में शामिल होने आया हूं। पार्टी जो भी फैसला करेगी, हम उसका सम्मान करेंगे। फिलहाल राज्यपाल यहां नहीं हैं, इसलिए आगे क्या होता है, यह देखना होगा।”
हाईकमान की रणनीति पर नजर
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन को लेकर कांग्रेस हाईकमान की भूमिका अहम मानी जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद पार्टी संगठन और सरकार में क्या नए बदलाव देखने को मिलते हैं।

