
DU प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल हत्याकांड में नया मोड़, CCTV में दिखे दो संदिग्ध
दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल हत्याकांड में CCTV फुटेज में दो संदिग्ध दिखे हैं। पुलिस पति के दावे, लैपटॉप और अन्य सुरागों की जांच कर रही है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड की कई एंगल से जांच कर रही है। इस बीच, पॉल के अलग रह रहे पति ने दावा किया है कि हत्या के समय वह पुणे में मौजूद थे। पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया है और उनके दावे की सत्यता की जांच की जा रही है।
CCTV फुटेज में दिखे दो संदिग्ध
जांच के दौरान पुलिस को CCTV फुटेज में दो अज्ञात लोगों की मौजूदगी का पता चला है। फुटेज के अनुसार, एक पुरुष और एक महिला वारदात वाले दिन पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित हाउसिंग सोसाइटी में दाखिल हुए थे।पुलिस के मुताबिक, दोनों दोपहर करीब 1 बजे से शाम 6 बजे के बीच एक कैब से सोसाइटी पहुंचे थे। अधिकारियों का मानना है कि इसी समयावधि में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया हो सकता है।
विजिटर्स रजिस्टर में नहीं मिला कोई रिकॉर्ड
जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। CCTV फुटेज में संदिग्धों की सोसाइटी के अंदर मौजूदगी दिखाई दे रही है, लेकिन गार्ड्स के पास मौजूद विजिटर्स रजिस्टर में उनकी एंट्री दर्ज नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संदिग्ध पुरुष और महिला दोनों ने मास्क पहन रखा था। पुलिस अब उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
13 लोगों की हुई पहचान, 4 अब भी संदिग्ध
जांच एजेंसियों ने सोसाइटी में उस दिन आने-जाने वाले 13 लोगों की पहचान कर उनकी गतिविधियों की जांच शुरू की थी।इनमें से 9 लोगों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जांच के दायरे से बाहर कर दिया गया है। हालांकि, अभी भी चार लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। इनमें दो पुरुष और मास्क पहने हुए एक पुरुष व एक महिला शामिल हैं।
गार्ड्स के बयान से सामने आई लापरवाही
सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड्स ने पुलिस को बताया कि डिलीवरी एजेंटों के अलावा कई बार अन्य लोगों को भी बिना सख्त जांच-पड़ताल के परिसर में प्रवेश करने दिया जाता था।गार्ड्स के अनुसार, संदिग्ध जोड़ी ने परिसर में प्रवेश करने के बाद कुछ फ्लैट्स का पता पूछा था। हालांकि, वे किस फ्लैट में जाना चाहते थे, इसका स्पष्ट विवरण गार्ड्स को याद नहीं है।
लैपटॉप की भी हो रही फॉरेंसिक जांच
पुलिस जांच का दायरा अब डिजिटल साक्ष्यों तक भी पहुंच गया है। देबोस्मिता पॉल का लैपटॉप उनके फ्लैट में खुली अवस्था में मिला था।जांच अधिकारियों का मानना है कि हत्या से पहले वह किसी शैक्षणिक कार्यक्रम या अकादमिक कार्य से संबंधित सामग्री तैयार कर रही थीं। लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या से पहले वह किस काम में व्यस्त थीं और क्या उसमें कोई महत्वपूर्ण सुराग छिपा है।
कई एंगल से जांच जारी
पुलिस इस मामले में व्यक्तिगत दुश्मनी, बदले की भावना और कॉन्ट्रैक्ट किलर्स की संभावित भूमिका समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।देबोस्मिता पॉल हत्याकांड का रहस्य अभी बरकरार है, लेकिन जांच में सामने आ रहे नए सुराग मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

