
राहुल गांधी के बयान ने बढ़ाई मुश्किल? पी विजयन रेड पर कांग्रेस घिरी
केरल के पूर्व सीएम पिनराई विजयन पर ED छापों के बाद कांग्रेस विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई है। राहुल गांधी के पुराने बयान अब INDIA गठबंधन में असहजता बढ़ा रहे हैं।
अगर सत्ता से बाहर होने के कुछ ही हफ्तों के भीतर प्रवर्तन निदेशालय (ED) पूर्व केरल मुख्यमंत्री और CPI(M) के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन के घरों पर छापेमारी करता, तो इससे उनके और उनकी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो सकता था। लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग नजर आई। इन छापों ने एक नया राजनीतिक घटनाक्रम पैदा कर दिया, जिसमें खुद कांग्रेस पार्टी और उसके वास्तविक नेता राहुल गांधी विपक्षी खेमे के भीतर असहज सवालों के घेरे में आ गए, जबकि विजयन को INDIA गठबंधन के दलों और सिविल सोसायटी समूहों से खुला समर्थन मिलने लगा।
हालांकि CPI(M) और अन्य विपक्षी दलों ने बीजेपी पर एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ करने का आरोप लगाया, लेकिन इससे भी ज्यादा तीखे सवाल कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर उठे। वजह यह रही कि केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी लगातार यह सवाल उठा रहे थे कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अब तक पिनराई विजयन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।
राहुल गांधी के बयान कांग्रेस पर पड़े भारी
जैसे ही ED ने विजयन के घरों पर छापेमारी शुरू की, वैसे ही राहुल गांधी पर हमले शुरू हो गए। चुनावी माहौल में पिनराई विजयन ने भी राहुल गांधी पर तीखे वार किए थे, लेकिन अब कांग्रेस के लिए मुश्किल यह थी कि पहला हमला राहुल की तरफ से हुआ था। इससे INDIA गठबंधन में कांग्रेस की पहले से कमजोर होती केंद्रीय भूमिका पर और सवाल उठने लगे।
27 मई को जब ED अधिकारियों ने तिरुवनंतपुरम और कन्नूर स्थित विजयन के आवासों पर तलाशी शुरू की, तब CPI(M) ने तुरंत इसे मोदी सरकार द्वारा राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने की रणनीति करार दिया।लेकिन कांग्रेस पर सबसे पहले हमला उसके पुराने सहयोगी DMK की ओर से आया। तमिलनाडु चुनावों के बाद कांग्रेस द्वारा DMK से दूरी बनाने से नाराज DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि विजयन के घर पर ED की कार्रवाई उन कांग्रेस नेताओं की “खोखली राजनीति” को उजागर करती है, जो लगातार पूछ रहे थे कि बीजेपी ने अब तक पूर्व केरल मुख्यमंत्री को क्यों नहीं निशाना बनाया।
विपक्षी दलों ने भी कांग्रेस को घेरा
स्टालिन के बाद आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से कार्रवाई की मांग उठाने के बाद ही ED ने विजयन पर छापे मारे। उन्होंने यह भी कहा कि घटनाक्रम की यह टाइमिंग बीजेपी और कांग्रेस के रिश्तों पर सवाल खड़े करती है।
यहां तक कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, जो हाल तक इंडिया गठबंधन में वामपंथियों की सबसे बड़ी राजनीतिक विरोधी थीं, उन्होंने भी विजयन के प्रति एकजुटता दिखाई।CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने तो कांग्रेस पर और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई केवल केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का उदाहरण नहीं है, बल्कि इसे कांग्रेस नेतृत्व ने सक्रिय रूप से प्रोत्साहित भी किया।
कांग्रेस के लिए असहज स्थिति
करीब सात घंटे की छापेमारी के बाद जब पिनराई विजयन तिरुवनंतपुरम स्थित अपने घर से बाहर निकले, तो उन्होंने मुट्ठी तानकर राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “उन्होंने पूछा था कि ED मेरे यहां छापा क्यों नहीं मार रही और मुझे गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही। उम्मीद है अब वे संतुष्ट होंगे।”
विजयन का यह बयान सिर्फ चुनावी प्रतिक्रिया नहीं था, बल्कि उसने कांग्रेस को नैतिक रूप से असहज स्थिति में ला खड़ा किया। जो कांग्रेस हमेशा बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही, उसी पर अब राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई को वैध ठहराने का आरोप लगने लगा।
दिल्ली में कांग्रेस के कई नेताओं ने निजी तौर पर माना कि राहुल गांधी की “अनुचित टिप्पणियों” का इस्तेमाल अब सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि विपक्षी दल भी कांग्रेस को घेरने के लिए कर रहे हैं।स्थिति को और मुश्किल इस बात ने बना दिया कि कांग्रेस नेतृत्व ने ED छापों को “बीजेपी की राजनीतिक बदले की कार्रवाई” कहकर खुलकर निंदा नहीं की, जबकि पहले ऐसे मामलों में कांग्रेस तुरंत एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही है।
चुप्पी ने बढ़ाई मुश्किलें
छापों के समय केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन दिल्ली में थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं से मुलाकात कर रहे थे। लेकिन उन्होंने अपने पूर्ववर्ती पिनराई विजयन पर हुई कार्रवाई पर कोई बयान नहीं दिया।इसी दिन CPI(M) नेताओं, जिनमें पार्टी महासचिव एमए बेबी भी शामिल थे, को दिल्ली पुलिस ने ED मुख्यालय तक मार्च निकालने से रोक दिया और हिरासत में लिया। लेकिन इस कार्रवाई पर भी कांग्रेस नेतृत्व ने चुप्पी साधे रखी।
कांग्रेस विपक्ष के भीतर भी घिरी
राहुल गांधी के चुनावी बयान शायद इस रणनीति का हिस्सा थे कि केरल में वामपंथियों को बीजेपी के साथ करीबी दिखाकर कांग्रेस को राज्य में एकमात्र मजबूत विकल्प के रूप में पेश किया जाए। लेकिन अब यही रणनीति उलटी पड़ती नजर आ रही है।तमिलनाडु में DMK, बंगाल और केरल में वामदल, बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और दिल्ली में AAP जैसी पार्टियां पहले ही चुनावी झटके झेल चुकी हैं। ऐसे में वे अब अपने राजनीतिक आधार को सिर्फ बीजेपी ही नहीं बल्कि कांग्रेस से भी बचाने की कोशिश कर रही हैं।
डीएमके पहले ही इंडिया गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर चुकी है, जबकि आम आदमी पार्टी दो साल पहले ही गठबंधन से दूरी बना चुकी थी।कांग्रेस के कुछ नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी द्वारा डीएमके के साथ विश्वासघात के बाद एमके स्टालिन ऐसे मौकों का इस्तेमाल कांग्रेस को विपक्षी राजनीति में अलग-थलग करने के लिए कर सकते हैं। उनका कहना है कि आप और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियां भी इस रणनीति का साथ दे सकती हैं।
विपक्षी एकता पर असर
कांग्रेस के भीतर भी यह स्वीकार किया जा रहा है कि राहुल गांधी के चुनावी बयानों की पृष्ठभूमि में विजयन पर ED की कार्रवाई ने पार्टी को इंडिया गठबंधन के भीतर भी मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।विपक्षी दल लंबे समय से बीजेपी पर ED और CBI जैसी एजेंसियों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी के बयान, जो चुनाव के दौरान विजयन के खिलाफ कार्रवाई की मांग जैसे लग रहे थे, विपक्षी एकता के साझा नैरेटिव को कमजोर कर गए।
यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है। यह मोदी युग की विपक्षी राजनीति के मूल सवालों से जुड़ा हुआ है। अलग-अलग राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के बावजूद इंडिया गठबंधन के दल एजेंसियों के दुरुपयोग, संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर एक साझा राजनीतिक भाषा बनाए रखने की कोशिश करते रहे हैं।लेकिन राहुल गांधी की टिप्पणियों ने इस संतुलन को बिगाड़ दिया। केरल की राजनीतिक लड़ाई में CPI(M) को घेरने की कोशिश में राहुल गांधी अनजाने में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की बड़ी दलील को कमजोर कर बैठे।अब कांग्रेस के लिए यह राजनीतिक नुकसान शायद ED छापों से भी ज्यादा लंबे समय तक असर छोड़ सकता है।

