
Video: हरभजन सिंह के घर पर बवाल, दीवारों पर लिखा 'गद्दार', BJP में शामिल होने पर भारी हंगामा
राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह के बीजेपी में शामिल होने के फैसले के बाद पंजाब के जालंधर में उनके घर के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। 'आम आदमी पार्टी' के नाराज कार्यकर्ताओं ने उनके घर की दीवारों पर काली स्याही से 'गद्दार' लिख दिया।
कल तक जिन्हें पंजाब अपना गौरव मानता था, आज उन्हीं के घर की दीवारों पर कालिख पोती जा रही है। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह (भज्जी) के जालंधर स्थित आवास पर आज 'आम आदमी पार्टी' के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। विरोध इस कदर बढ़ा कि प्रदर्शनकारियों ने हरभजन के घर की बाहरी दीवारों पर काले पेंट से 'गद्दार' लिख दिया।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा बवाल तब शुरू हुआ जब कल नई दिल्ली में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत हरभजन सिंह, राघव चड्ढा और पांच अन्य राज्यसभा सांसदों ने आधिकारिक तौर पर बीजेपी में 'विलेय' (Merger) का ऐलान कर दिया। चूँकि यह समूह राज्यसभा में AAP की कुल संख्या का दो-तिहाई (7/10) है, इसलिए दलबदल कानून के तहत उनकी सदस्यता भी सुरक्षित रह सकती है। लेकिन कानूनी जीत से अलग, जमीन पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे 'विश्वासघात' करार दिया है।
पुलिस के सामने ही हुई तोड़फोड़ और नारेबाजी
जालंधर से सामने आए वीडियो फुटेज में साफ़ दिख रहा है कि माहौल कितना तनावपूर्ण था। 'आम आदमी पार्टी' के कार्यकर्ता पुलिस के निर्देशों को दरकिनार कर हरभजन के घर के गेट तक पहुँच गए। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने दीवारों को विरूपित करना जारी रखा। कार्यकर्ताओं के हाथों में काले झंडे थे और वे "पंजाब के गद्दारों को बाहर करो" के नारे लगा रहे थे।
प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि हरभजन सिंह और उनके साथियों ने पंजाब के लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने तर्क दिया कि इन नेताओं ने उस भ्रष्टाचार विरोधी जनादेश का अपमान किया है, जो जनता ने 2022 में 'आप' को दिया था। कार्यकर्ताओं ने पूछा, "जिस पार्टी (बीजेपी) की आप सालों तक आलोचना करते रहे, आज अपनी कुर्सी बचाने के लिए उसी की गोद में कैसे जा बैठे?"
एक साथ सात सांसदों का 'एग्जिट'
बीजेपी में शामिल होने वाले इस गुट में संदीप पाठक, अशोक मित्तल और स्वाति मालीवाल जैसे कद्दावर नाम शामिल हैं। राघव चड्ढा ने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कदम का बचाव करते हुए कहा था कि 'आम आदमी पार्टी' अब भ्रष्टाचार और समझौतों की पार्टी बन गई है। उन्होंने दावा किया कि वे देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करना चाहते हैं।
AAP की तीखी प्रतिक्रिया और पंजाब का माहौल
आम आदमी पार्टी के आलाकमान ने इस पलायन पर बहुत सख्त रुख अपनाया है। संजय सिंह ने इसे 'भरोसे का कत्ल' बताया है। 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद से यह पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंतरिक संकट है। पंजाब की राजनीति में 'आया राम, गया राम' की यह संस्कृति लोगों को रास नहीं आ रही है, जिसका नतीजा हरभजन सिंह जैसे लोकप्रिय चेहरों के खिलाफ इस तरह के हिंसक प्रदर्शन के रूप में दिख रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
फिलहाल जालंधर प्रशासन ने हरभजन सिंह के घर के बाहर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है। न केवल हरभजन, बल्कि बीजेपी में शामिल हुए अन्य बागी सांसदों के पंजाब स्थित घरों पर भी पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि आने वाले दिनों में पंजाब के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो सकते हैं।
क्रिकेट की पिच पर बड़े-बड़े बल्लेबाजों को आउट करने वाले 'टर्बनेटर' आज अपनी ही पुरानी पार्टी के कार्यकर्ताओं की 'गुगली' में फंसते नज़र आ रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि हरभजन सिंह और अन्य सांसद इस सार्वजनिक गुस्से का सामना कैसे करते हैं।

