सोनम के बाद राज की बारी! हनीमून मर्डर में प्रेमी की जमानत पर बना रहस्य
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आरोपी राज कुशवाह, सोनम रघुवंशी। फाइल फोटो।

सोनम के बाद राज की बारी! हनीमून मर्डर में प्रेमी की जमानत पर बना रहस्य

चर्चित हनीमून मर्डर केस में नया मोड़ आता दिख रहा है। पति की हत्या मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद अब प्रेमी राज भी सलाखों से बाहर आ सकता है।


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मध्य प्रदेश के चर्चित हनीमून मर्डर केस में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। अपने पति की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद अब उसका कथित बॉयफ्रेंड राज कुशवाहा भी जेल की सलाखों से बाहर आ सकता है। मेघालय की एक अदालत ने राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर लंबी बहस के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब आगामी आदेश में यह साफ होगा कि राज को राहत मिलेगी या उसे जेल में ही रहना होगा। दूसरी ओर, मृतक राजा रघुवंशी का परिवार इस कानूनी घटनाक्रम से बेहद आक्रोशित है और उन्होंने मामले को उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) ले जाने का मन बना लिया है।

घटनाक्रम: हनीमून की खुशियां मातम में बदलीं

यह मामला इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी से जुड़ा है, जिनका विवाह 11 मई 2025 को सोनम के साथ संपन्न हुआ था। शादी के महज नौ दिन बाद, 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून मनाने के लिए मेघालय के लिए रवाना हुआ। लेकिन 23 मई को राजा अचानक लापता हो गए। शुरुआत में इसे एक सामान्य गुमशुदगी का मामला समझा गया, परंतु 2 जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा स्थित एक झरने के पास गहरी खाई से राजा का शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच

राजा के शव के परीक्षण से यह स्पष्ट हो गया कि यह एक सोची-समझी हत्या थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, राजा के सिर पर किसी धारदार हथियार से दो बार जानलेवा प्रहार किए गए थे। पुलिस जांच की आंच जब सोनम तक पहुंची तो उसने 8 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सरेंडर कर दिया। पूछताछ के दौरान पहले उसने लूटपाट की मनगढ़ंत कहानी सुनाई। लेकिन कड़ाई से हुई जांच में प्रेम त्रिकोण और हत्या की साजिश की बात उजागर हुई। पुलिस ने इस मामले में सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर आरोपपत्र दाखिल किया।

अदालत की कार्यवाही और राज की याचिका

राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उसके वकील पी. योबिन ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने रिहाई के लिए सभी आवश्यक दलीलें पेश कर दी हैं। फिलहाल अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। वकील ने यह भी संकेत दिया कि मामले के अन्य आरोपियों की जमानत के लिए भी जल्द ही अर्जी दाखिल की जाएगी।

सोनम रघुवंशी को किस आधार पर मिली राहत?

अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत देते समय पुलिस और जांच प्रक्रिया की गंभीर खामियों को रेखांकित किया...

गिरफ्तारी की प्रक्रिया में त्रुटि: कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी दस्तावेजों में धाराओं का उल्लेख सही तरीके से नहीं किया गया था। नियमों के मुताबिक, आरोपी को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि उसे किन धाराओं के तहत पकड़ा गया है।

लिपिकीय गलती की दलील खारिज: पुलिस ने इसे 'क्लैरिकल मिस्टेक' बताया, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। क्योंकि यह आरोपी के विधिक अधिकारों का हनन था।

विधिक सहायता का अभाव: रिकॉर्ड में यह स्पष्ट नहीं था कि गिरफ्तारी के बाद या गाजीपुर कोर्ट में पेशी के दौरान सोनम को वकील की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी या नहीं।

जमानत की कड़ी शर्तें और परिवार का आक्रोश

भले ही सोनम को जमानत मिल गई है। लेकिन वह बिना अनुमति शिलांग जिले से बाहर नहीं जा सकतीं। इस फैसले के बाद राजा की मां उमा रघुवंशी भावुक होकर फूट-फूट कर रो पड़ीं। उन्होंने इसे 'पैसे का खेल' बताते हुए कहा कि वह अपनी आंखों के सामने सोनम को सजा पाते देखना चाहती हैं। पिता अशोक रघुवंशी ने भी न्यायिक व्यवस्था पर दुख जताया। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने स्पष्ट किया है कि वे निचली अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। फिलहाल, सबकी निगाहें कोर्ट के उस आदेश पर टिकी हैं, जो राज कुशवाहा के भविष्य का फैसला करेगा।

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