मंगेतर और प्रेमी ने रची मौत की पटकथा, CCTV के एक सुराग ने बिगाड़ा खेल
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मंगेतर और प्रेमी ने रची मौत की पटकथा, CCTV के एक सुराग ने बिगाड़ा खेल

पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को हादसा बताया गया था, लेकिन 33 डिग्री में पहनी गई हूडी के सुराग से पुलिस ने हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया।


पुणे के लोहागढ़ किले में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को शुरू में एक दुखद ट्रेकिंग हादसा माना गया था, लेकिन 33 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में पहनी गई एक हूडी ने पुलिस को ऐसा सुराग दिया जिसने पूरे मामले की सच्चाई सामने ला दी। यह मामला पिछले साल मेघालय में चर्चित "हनीमून मर्डर केस" की याद भी ताजा कर रहा है।पुलिस जांच में सामने आया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी ने कथित रूप से मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी।

कैसे हुआ शक?

26 वर्षीय केतन अग्रवाल की इसी साल 20 वर्षीय सिया गोयल से सगाई हुई थी। 18 जून को लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान एक खाई में गिरने से उसकी मौत हो गई। सिया ने केतन के परिवार को बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान उसका पैर फिसल गया था।मामले को पहले दुर्घटनावश मौत के रूप में दर्ज किया गया और तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद केतन का शव बरामद किया गया।हालांकि जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसी परिस्थितियां मिलीं, जिन्होंने संदेह पैदा किया और मामला गहराई से जांचा जाने लगा।

33 डिग्री में हूडी पहनने वाला शख्स बना सुराग

पुलिस ने किले के टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में केतन और सिया साथ चलते दिखाई दिए।जब पुलिस ने वीडियो को ध्यान से देखा तो कुछ मीटर पीछे एक व्यक्ति दिखाई दिया। वह शॉर्ट्स और हूडी पहने हुए था। हूडी का आगे का हिस्सा इतना नीचे खींचा गया था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। इसके ऊपर उसने हेडसेट भी पहन रखा था।एक अन्य वीडियो में पुलिस ने देखा कि सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसी समय हूडी पहने व्यक्ति अचानक बैठ जाता है।

पुलिस अधिकारियों को यह व्यवहार बेहद संदिग्ध लगा। जब उन्होंने उस दिन का तापमान जांचा तो पाया कि उस समय लगभग 33 डिग्री सेल्सियस गर्मी थी। ऐसे मौसम में किसी व्यक्ति द्वारा हूडी पहनना असामान्य था।बाद में यही व्यक्ति सिया का प्रेमी चेतन चौधरी निकला।

शादी को लेकर थी अनिच्छा

जांच के दौरान पुलिस को केतन के चाचा से पता चला कि सिया पहले भी शादी को लेकर असहज थी। उसने एक बार शादी को एक साल के लिए टालने की इच्छा भी जताई थी।केतन और सिया की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में उदयपुर में उनकी भव्य शादी होने वाली थी।परिवारों ने कथित रूप से राजस्थान के एक महल को 17 करोड़ रुपये में बुक किया था और मेहमानों के लिए दो निजी विमानों की भी व्यवस्था की गई थी।

कई बार बुलाया था लोहागढ़

केतन की बहन संजना और अन्य परिजनों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि सिया लगातार केतन को लोहागढ़ किले ले जाने का दबाव बना रही थी।31 मई को वह उसे वहां लेकर गई थी। इसके बाद 4 जून को भी उसने केतन को वहां जाने के लिए कहा, लेकिन इस बार उसकी मां ने अनुमति नहीं दी।जांच में यह भी सामने आया कि सिया और चेतन, केतन को शादी से पहले रास्ते से हटाना चाहते थे।

बाली ट्रिप को किया गया था नाकाम?

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सिया ने उनकी बाली यात्रा को जानबूझकर विफल किया था।शादी से पहले फोटोशूट के लिए केतन और सिया इंडोनेशिया जाने वाले थे। चारों लोगों के पासपोर्ट एक ही पाउच में रखे गए थे।लोनावला के एक फूड मॉल पर सिया मोबाइल लेने के बहाने कार में वापस गई। बाद में मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चला कि केतन का पासपोर्ट गायब है। इसके कारण पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी।परिवार का आरोप है कि यह भी साजिश का हिस्सा था।

पहली हत्या की कोशिश नाकाम रही

केतन के पिता का दावा है कि 14 जून को भी सिया उसे उसी स्थान पर लेकर गई थी, जहां बाद में उसकी मौत हुई।उस समय कथित रूप से उसे खाई में धक्का दिया गया था, लेकिन वह झाड़ियों को पकड़कर बच गया।

जब केतन ने पूछा कि उसे धक्का क्यों दिया गया, तो सिया ने सांप देखने का बहाना बनाया और दावा किया कि उसने उसे बचाने के लिए ऐसा किया था।परिवार का मानना है कि उसी दिन उसकी हत्या की पहली कोशिश की गई थी।

हजारों कॉल्स ने खोला राज

केतन के परिवार से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की।कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल संचार का विश्लेषण करने पर पता चला कि सिया और चेतन के बीच हजारों बार बातचीत हुई थी।दोनों के बीच कई फोन कॉल घंटों तक चली थीं।तकनीकी साक्ष्यों ने दोनों के बेहद करीबी संबंध और एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा किया।इसके बाद पुलिस ने चेतन की तस्वीरों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की तुलना सीसीटीवी फुटेज में दिखे हूडी वाले व्यक्ति से की और जांच का फोकस उस पर केंद्रित हो गया।

भागकर शादी क्यों नहीं की?

पुलिस पूछताछ में चेतन ने कथित रूप से बताया कि सिया सगाई तोड़कर उसके साथ भागने के पक्ष में नहीं थी।उसे लगता था कि ऐसा करने से उसके परिवार की बदनामी होगी।इसी कारण दोनों ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

जन्मदिन के बहाने आखिरी साजिश

पुलिस के अनुसार, पहली कोशिश विफल होने के बाद सिया ने 18 जून को अपने जन्मदिन का बहाना बनाकर फिर से केतन को लोहागढ़ बुलाया।इस बार चेतन पहले से ही किले पर पहुंच गया था।जांच में सामने आया कि उसने दोनों का पीछा किया और एक सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद सिया और चेतन ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।मावल तालुका की अदालत ने उन्हें 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

एक अधूरी जिंदगी

पुणे जिले के गहुंजे निवासी केतन अग्रवाल पारिवारिक रियल एस्टेट कंपनी सक्सेस ग्रुप में निदेशक और मुख्य विपणन अधिकारी (सीएमओ) थे।उन्होंने उद्यमिता (Entrepreneurship) में एमएस की पढ़ाई की थी।वहीं सिया ने एक निजी कॉलेज से वाणिज्य (कॉमर्स) की डिग्री हासिल की थी।पुलिस के अनुसार गोयल और चौधरी परिवार मसालों और ड्राई फ्रूट्स के कारोबार से जुड़े हैं।

यह मामला अब केवल एक हत्या की जांच नहीं रह गया है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे एक मामूली दिखने वाला सुराग—33 डिग्री की गर्मी में पहनी गई एक हूडी—पूरे अपराध की परतें खोल सकता है।

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