
8 घंटे ट्रैफिक जाम में फंसे तो उद्योगपति हेलिकॉप्टर से निकले, मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर रातभर फंसे रहे वाहन
उद्योगपति डॉ. सुधीर मेहता ने वाहनों की लंबी कतार के हवाई दृश्य साझा किए और कहा कि इस घटना के बाद लाखों लोग घंटों तक फंसे रहे।
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटना के बाद सैकड़ों यात्री रातभर फंसे रह गए। एक उद्योगपति लगभग 8 घंटे तक जाम में फंसे रहे तो उन्हें पुणे पहुंचने के लिए हेलिकॉप्टर का सहारा लेना पड़ा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईकेए मोबिलिटी और पिनैकल इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता ने वाहनों की लंबी कतार के हवाई दृश्य साझा किए और बताया कि इस घटना के बाद लाखों लोग घंटों तक फंसे रहे। उन्होंने हाई-स्पीड कॉरिडोर पर बेहतर आपातकालीन योजना की भी मांग की।
डॉ. मेहता ने X पर लिखा, “पिछले 18 घंटों से #Mumbai #Pune एक्सप्रेसवे पर ‘एक गैस टैंकर’ की वजह से लाखों लोग फंसे हुए हैं। ऐसी आपात स्थितियों के लिए एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग स्थानों पर निकास मार्ग (एग्ज़िट) की योजना बनानी चाहिए, जिन्हें खोला जा सके ताकि वाहन वापस लौट सकें।”
ऐसी परिस्थितियों से बचाव के उपाय सुझाते हुए उन्होंने आगे लिखा, “हेलिपैड बनाने में 10 लाख रुपये से भी कम खर्च आता है और इसके लिए एक एकड़ से भी कम खुली ज़मीन चाहिए। आपातकालीन निकासी के लिए एक्सप्रेसवे के पास विभिन्न स्थानों पर इन्हें अनिवार्य किया जाना चाहिए।”
उन्होंने एयर वेटरन और सिविल एविएशन में हेलिकॉप्टर कंसल्टेंट नितिन वेल्डे का भी धन्यवाद किया, जिनकी मदद से वह 8 घंटे फंसे रहने के बाद पुणे लौट सके।
अव्यवस्था की वजह क्या रही?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 5 बजे रायगढ़ ज़िले में अडोशी सुरंग के पास अत्यधिक ज्वलनशील प्रोपलीन गैस ले जा रहा एक टैंकर पलट गया। बताया जा रहा है कि ढलान पर तेज़ रफ्तार में चलते हुए वाहन चालक का नियंत्रण खो गया और टैंकर पलट गया।
दुर्घटना के तुरंत बाद गैस रिसाव का पता चला, जिसके बाद एहतियातन पुलिस ने मुंबई की ओर जाने वाला ट्रैफिक तुरंत बंद कर दिया। इस घटना से मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई–पुणे हाईवे (एनएच-48) दोनों पर भारी अव्यवस्था फैल गई और प्रभावित हिस्से में यातायात पर रोक लगा दी गई।
रातभर फंसे यात्री
ट्रैफिक जाम 15 घंटे से अधिक समय तक खिंच गया, जिससे सैकड़ों वाहन रातभर फंसे रहे। महिलाओं और बच्चों सहित यात्री लंबी कतारों में बिना पर्याप्त भोजन, पीने के पानी या शौचालय की सुविधाओं के फंसे रहे।
अधिकारियों ने यात्रियों को लोणावला–खंडाला घाट खंड से बचने, यात्रा की योजना सावधानी से बनाने और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।

