
CJP फाउंडर अभिजीत दिपके को सरेआम जड़े थप्पड़, जयपुर में जमकर हुआ हंगामा, VIDEO
कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर एक युवक ने सरेआम हमला कर दिया। प्रदर्शन के बीच में ही एक अज्ञात शख्स ने अभिजीत दिपके को थप्पड़ जड़ दिए।
देश में परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर एक युवक ने सरेआम हमला कर दिया। जयपुर में प्रदर्शन के बीच में ही एक अज्ञात शख्स ने अभिजीत दिपके को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना के बाद वहां मौजूद भारी भीड़ में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
चश्मदीदों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक, जयपुर में CJP के कार्यकर्ता और भारी संख्या में छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर इकट्ठा हुए थे। अभिजीत दिपके भीड़ के बीच मौजूद थे और लोगों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति गुस्से में अभिजीत दिपके के करीब आया। दोनों के बीच कुछ कहासुनी हुई और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उस व्यक्ति ने दिपके के चेहरे पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया।
अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद सभी लोग सन्न रह गए। लेकिन अगले ही पल, वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों और भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने तुरंत उस हमलावर शख्स को चारों तरफ से घेर लिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि गुस्से से लाल कगार पर खड़ी भीड़ ने उस आरोपी व्यक्ति पर जवाबी हमला कर दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
अभिजीत दिपके ने खुद की बीच-बचाव की कोशिश
इस पूरे हंगामे और मारपीट के बीच एक दिलचस्प बात देखने को मिली। जिस नेता यानी अभिजीत दिपके पर हमला हुआ था, उन्होंने खुद बड़प्पन दिखाते हुए भीड़ को रोकने की कोशिश की। वीडियो में साफ दिख रहा है कि थप्पड़ खाने के बावजूद अभिजीत दिपके वहां मौजूद गुस्साई भीड़ को शांत करा रहे थे। वह लगातार लोगों से अपील कर रहे थे कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और उस व्यक्ति के साथ मारपीट बंद करें। दिपके के बार-बार कहने के बाद भी भीड़ का गुस्सा शांत होने में काफी समय लगा। इस घटना के बाद से ही जयपुर के उस प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है, हालांकि अभी तक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
आखिर क्यों प्रदर्शन कर रही है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)?
अब सवाल उठता है कि जयपुर में यह प्रदर्शन आखिर किस बात को लेकर हो रहा था? दरअसल, पिछले कुछ समय से देश में NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन गड़बड़ियों के कारण देश के लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
इसी मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) देशव्यापी आंदोलन चला रही है। उनकी मुख्य मांग है कि इन तमाम गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। CJP का कहना है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक और शांतिपूर्ण है, जिसका मकसद केवल देश के युवाओं, छात्रों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाना है।
सोशल मीडिया पर मिला भारी समर्थन, जयपुर में नहीं मिल रही थी इजाजत
अभिजीत दिपके का यह अभियान पिछले कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहा है। देश भर के छात्र, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। इसी सिलसिले में अभिजीत दिपके रविवार देर रात जयपुर पहुंचे थे ताकि इस प्रदर्शन की तैयारियों का जायजा ले सकें।
शुरुआत में जयपुर के स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन को हरी झंडी देने से साफ मना कर दिया था। लेकिन छात्रों के बढ़ते दबाव और CJP के अड़े रहने के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा और कुछ शर्तों के साथ प्रदर्शन की अनुमति दी गई।
प्रशासन ने लगाई थीं ये कड़ी शर्तें
जयपुर प्रशासन ने इस प्रदर्शन को मंजूरी तो दी, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए कई सख्त नियम भी लागू किए थे। प्रशासन का आदेश था कि प्रदर्शन स्थल पर एक समय में 800 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते। इसके साथ ही पुलिस ने चेतावनी दी थी कि अगर भीड़ इस तय सीमा से ज्यादा होती है या शांति व्यवस्था भंग होती है, तो आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद सोमवार को बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंच गए, जिसके बाद यह सुरक्षा चूक और थप्पड़ कांड की घटना सामने आई।
मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का मिला साथ
CJP और अभिजीत दिपके के इस आंदोलन को उस समय एक बहुत बड़ी ताकत मिली, जब देश के जाने-माने पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस मुहिम को अपना खुला समर्थन दे दिया। सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर इस आंदोलन की तारीफ की है।
इतना ही नहीं, उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए एक बड़ा बयान भी जारी किया है। वांगचुक ने कहा है कि यह छात्रों के भविष्य की लड़ाई है और अगर इस शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस या प्रशासन ने अभिजीत दिपके को गिरफ्तार करने की कोशिश की, तो वे (सोनम वांगचुक) खुद छह सप्ताह के लंबे उपवास (व्रत) पर बैठ जाएंगे। इस समर्थन के बाद यह पूरा मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी होगी अगली हुंकार
जयपुर में हुए इस हंगामे के बीच, CJP ने साफ कर दिया है कि वे इस हमले से डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। संगठन ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी एक अलग और बड़े प्रदर्शन की अनुमति मिल चुकी है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए यह लड़ाई अब दिल्ली की सड़कों पर और तेज की जाएगी।
फिलहाल, जयपुर की घटना ने देश की राजनीति और छात्र संगठनों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या एक शांतिपूर्ण आंदोलन में इस तरह की हिंसा जायज है? और क्या एसआईटी या सरकार छात्रों के इन गंभीर सवालों का कोई ठोस जवाब दे पाएगी?

