
जंतर-मंतर पर डटे अभिजित दिपके : युवाओं के हक में किसानों से मांगा समर्थन
NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना दूसरे दिन भी जारी। अभिजीत दिपके ने किसानों से मांगी मदद, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े।
Cockroach Janta Party Protest: नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब और उग्र हो गया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी छात्र शनिवार से ही रात भर धरना देकर जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। रविवार (21 जून 2026) को आंदोलन के दूसरे दिन दिपके ने देश के किसान संगठनों से छात्रों के समर्थन में आने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों की एक ही प्रमुख मांग है— केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा और पीड़ित परिवारों को मुआवजा।
'जब किसान लड़ रहे थे, छात्र साथ थे... अब हमारी बारी': दिपके की अपील
जंतर-मंतर पर शनिवार रात भर चले धरने के बाद रविवार सुबह प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने देशव्यापी आंदोलन का आह्वान करते हुए कहा:
"मैं पूरे भारत के किसानों से अपील करता हूं कि वे आएं और जंतर-मंतर पर छात्रों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों। जब किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे, तब देश के युवा और छात्र उनके साथ खड़े थे। आज जब देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य अधर में है, तो हमें उसी एकजुटता और समर्थन की जरूरत है। आपके सहयोग के बिना यह आंदोलन सफल नहीं हो सकता।"
दिपके ने आज नीट री-एग्जाम (NEET Re-Exam) दे रहे परीक्षार्थियों से भी अपील की कि वे अपना पेपर खत्म करने के बाद सीधे जंतर-मंतर पहुंचकर इस आंदोलन का हिस्सा बनें।
दिल्ली पुलिस की चेतावनी के बावजूद रात भर चला 'सिट-इन' प्रदर्शन
शनिवार को शुरू हुए इस आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में युवा थाली और चम्मच लेकर पहुंचे थे। उन्होंने थाली-चम्मच बजाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शनिवार शाम होते ही दिल्ली पुलिस ने लाउडस्पीकर से बार-बार घोषणा कर प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर खाली करने का निर्देश दिया था।
अनुमति का उल्लंघन: पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन की अनुमति केवल सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही थी। समय सीमा खत्म होने के बाद वहां रुकना नियमों का उल्लंघन है और ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुविधाएं रोकने का आरोप: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शनिवार रात को पुलिस ने प्रदर्शन स्थल की लाइटें बंद कर दीं और सार्वजनिक शौचालयों में पानी व भोजन की सप्लाई रोक दी। हालांकि बाद में पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई और लाइटें भी जला दी गईं।
गिरफ्तारी का डर नहीं: भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बीच दिपके ने दोटूक कहा, "अगर पुलिस गिरफ्तारियां करती है, तो सबसे पहले गिरफ्तारी देने वाला शख्स मैं होऊंगा।"
1 करोड़ का मुआवजा और सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल का एलान
इस छात्र आंदोलन ने अब एक बड़ा रूप ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित यह दूसरा बड़ा प्रदर्शन है। आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं:
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक शांतिपूर्ण बातचीत का रास्ता नहीं खुलेगा।
1 करोड़ रुपये का मुआवजा: पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के सदमे के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या (Suicide) कर ली, उनके परिवारों को सरकार 1 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि दे।
सोनम वांगचुक का अल्टीमेटम: इस आंदोलन को मशहूर पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है। वांगचुक ने एलान किया है कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 26 जून तक इस्तीफा नहीं दिया, तो वे 27 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
फिलहाल जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
Next Story

