फर्जी पते पर नहीं होगा वाहन रजिस्ट्रेशन, कर्नाटक सरकार की तैयारी
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फर्जी पते पर नहीं होगा वाहन रजिस्ट्रेशन, कर्नाटक सरकार की तैयारी

कर्नाटक सरकार नए वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए Aadhaar e-KYC अनिवार्य करने की तैयारी में है, ताकि फर्जी पते, बिचौलियों और धोखाधड़ी पर रोक लग सके।


अब Karnataka सरकार वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को और सख्त और पारदर्शी बनाने की तैयारी में है। जिस तरह प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार, पैन कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज जरूरी किए गए हैं, उसी तर्ज पर नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन में भी आधार आधारित e-KYC अनिवार्य करने पर विचार किया जा रहा है।

राज्य सरकार का मानना है कि इससे वाहन मालिकों की पहचान और पते का सही सत्यापन हो सकेगा और फर्जी पते पर वाहन रजिस्ट्रेशन के मामलों पर रोक लगेगी। इससे पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आधार को अनिवार्य किया जा चुका है।अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो कर्नाटक देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए आधार आधारित e-KYC सिस्टम लागू होगा। यह सुविधा राज्य के सभी Regional Transport Office (RTO) और अधिकृत वाहन डीलर सेंटरों पर उपलब्ध रहेगी।

फर्जी पते और बिचौलियों पर लगेगी रोक

सरकार का कहना है कि अभी कई लोग किराए के मकान या गलत पते का इस्तेमाल करके वाहन रजिस्टर करा लेते हैं। बाद में ऐसे लोगों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। आधार e-KYC लागू होने के बाद बायोमेट्रिक या OTP वेरिफिकेशन के जरिए असली पहचान की पुष्टि होगी, जिससे फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी।इस नई व्यवस्था से RTO दफ्तरों में बिचौलियों की भूमिका भी कम होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इससे सेवाएं ज्यादा पारदर्शी होंगी और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।

हादसों और अपराध में पहचान होगी आसान

सरकार का मानना है कि अगर कोई वाहन दुर्घटना या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो आधार e-KYC की मदद से वाहन मालिक तक जल्दी पहुंचा जा सकेगा।हिट एंड रन मामलों में भी वाहन मालिकों की पहचान आसान होगी। साथ ही चोरी के वाहनों को दोबारा रजिस्टर कराने या इंजन नंबर बदलकर बेचने जैसी धोखाधड़ी रोकने में भी मदद मिलेगी।

हर जानकारी होगी डिजिटल रिकॉर्ड में

अगर कोई व्यक्ति किसी और के नाम पर वाहन खरीदता है, तो आधार और पैन लिंक होने से ऐसे मामलों का पता लगाना आसान होगा। सरकार का कहना है कि सभी लेनदेन सरकारी डेटाबेस और ‘कुटुंब’ ऐप से जुड़े होंगे, जिससे किसी व्यक्ति के नाम पर मौजूद संपत्तियों की सटीक जानकारी मिल सकेगी।इसके अलावा, ट्रैफिक चालान और जुर्माने भी सीधे वाहन मालिक की डिजिटल प्रोफाइल से जुड़ जाएंगे। इससे जुर्माना न भरकर बच निकलना आसान नहीं रहेगा।

सरकार का मानना है कि यह कदम न सिर्फ वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि आम लोगों को तेज, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं देने में भी मदद करेगा।

(यह लेख मूल रूप से 'द फेडरल कर्नाटक' में प्रकाशित हुआ था।)

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