
UDF सरकार बनते ही केरल में जेंडर टिकटिंग, महिलाओं को फ्री बस यात्रा
कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF ने विधानसभा चुनाव प्रचार में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा की थी, जेंडर टिकटिंग लागू करने वाला पहला कांग्रेस शासित राज्य बना
राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सत्ता में वापसी के बाद केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) ने शनिवार (9 मई) से राज्यभर में चलने वाली बसों में ‘जेंडर टिकटिंग’ व्यवस्था लागू करना शुरू कर दिया है।
कर्नाटक और तेलंगाना की तरह, जहां कांग्रेस की सरकारों ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का वादा किया था, उसी प्रकार कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF ने भी विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केरल में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा की थी।
हालांकि, जेंडर टिकटिंग प्रणाली लागू करने वाला केरल पहला कांग्रेस शासित राज्य बन गया है। माना जा रहा है कि कर्नाटक और तेलंगाना भी आने वाले समय में इस व्यवस्था को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
KSRTC के सर्कुलर में क्या कहा गया?
शुक्रवार को जारी KSRTC के एक सर्कुलर के अनुसार, जेंडर टिकटिंग प्रणाली का उद्देश्य यह दर्ज करना है कि बस में सफर करने वाला यात्री महिला है, पुरुष है या बच्चा। यह जानकारी शनिवार से KSRTC बसों में जारी होने वाले टिकटों में दर्ज की जा रही है।
इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों (ETM) को अपडेट किया गया है।
सर्कुलर में कहा गया है कि KSRTC के सभी डिपो में तैनात कंडक्टरों को टिकट जारी करते समय ETM के जरिए यात्रियों की श्रेणी दर्ज करनी होगी।
यात्रियों की पहचान के लिए ETM में महिला, पुरुष और बच्चे के अलग-अलग विकल्प जोड़े गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ETM से निकलने वाले प्रिंटेड टिकट पर भी यात्री की श्रेणी दर्ज होगी।
कंडक्टरों ने जताई चिंता
140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतने वाला UDF जल्द ही सरकार बनाएगा। कांग्रेस पार्टी नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा पूरी करने के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
जेंडर टिकटिंग व्यवस्था को इस रूप में देखा जा रहा है कि सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना लागू करने से पहले यह अनुमान लगाना चाहती है कि प्रतिदिन KSRTC बसों में कितनी महिलाएं यात्रा करती हैं।
हालांकि कुछ कंडक्टरों ने इस नई व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि यात्रियों की श्रेणी दर्ज करने में अतिरिक्त समय लगेगा, खासकर भीड़भाड़ वाले समय में इससे परेशानी बढ़ सकती है।

