कोलकाता गोदाम हादसा: छत गिरने से 3 की मौत, 60 अब भी दबे, CM शुभेंदु मौके पर पहुंचे
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कोलकाता गोदाम हादसा: छत गिरने से 3 की मौत, 60 अब भी दबे, CM शुभेंदु मौके पर पहुंचे

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक निर्माणाधीन चाय गोदाम की छत ढह गई। हादसे के वक्त वहां कंक्रीट ढलाई का काम चल रहा था, जिसके कारण बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे।


पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। बुधवार को यहाँ ब्रेस पुल के निकट ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक निर्माणाधीन गोदाम की भारी-भरकम छत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भयानक हादसे के दौरान गोदाम के अंदर और आसपास कई मजदूर काम कर रहे थे। स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलबे के नीचे अभी भी 60 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।

इस हादसे में अब तक तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग, कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह (DMG), नागरिक सुरक्षा और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और भारतीय सेना को भी बचाव कार्य के लिए बुला लिया गया है। क्रेन और गैस कटर की मदद से मलबे को हटाने का काम बेहद तेजी से किया जा रहा है।

दोपहर 12 बजे जोरदार आवाज के साथ ढह गया गोदाम

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह खौफनाक घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे की है। उस वक्त गोदाम के पास में ही एक धार्मिक पूजा का आयोजन चल रहा था। तभी अचानक एक बहुत जोरदार आवाज हुई और पूरा गोदाम देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। लोगों ने बताया कि इस निर्माणाधीन गोदाम में घटना के समय कंक्रीट ढलाई (छत डालने) का काम चल रहा था।

चूंकि निर्माण कार्य प्रगति पर था, इसलिए वहां काफी संख्या में मजदूर और अन्य लोग मौजूद थे। जैसे ही ढांचा कमजोर होकर गिरा, गोदाम की छत में इस्तेमाल किया गया भारी-भरकम लोहा और कंक्रीट सीधे नीचे काम कर रहे मजदूरों के ऊपर आ गिरा। मलबे के विशाल हिस्से और लोहे के भारी बीम को हटाने के लिए तुरंत बड़ी क्रेनें मंगवाई गईं। इसके साथ ही, दबे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए लोहे के गाडर्स को गैस कटर के जरिए तेजी से काटकर अलग किया जा रहा है।

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हादसे की जानकारी सामने आते ही हमारी टीमें तुरंत मौके पर सक्रिय हो गईं। तारातला इलाके में ब्रेस पुल के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर यह गोदाम सुबह ढह गया था। हमारे अधिकारी और बचाव दल मौके पर तैनात हैं। हमें आशंका है कि मलबे के नीचे कई जिंदगियां दबी हो सकती हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालना हमारी पहली प्राथमिकता है।"

Taratala Godown Shed Collapsed: पल-पल का लाइव अपडेट

शाम 5:10 PM - मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे

कोलकाता के तारातला में हुए इस हादसे के बाद राहत और बचाव कार्यों का सीधा जायजा लेने के लिए खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत कार्य में जुटी टीमों से बात की और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि सभी बचाव दल मिलकर युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। अभी तक 18 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है और बाकी फंसे हुए लोगों को ढूंढने का काम जारी है।

शाम 5:00 PM - मुख्यमंत्री ने जताया दुख, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस भीषण दुर्घटना में मारे गए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि अब तक मलबे से निकाले गए 18 लोगों में से 3 मजदूरों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मलबे के नीचे दबे प्रत्येक व्यक्ति को बचाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और कोलकाता पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से एक बड़ा रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

शाम 4:50 PM - सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (एक्स - पूर्व में ट्विटर) पर घटनास्थल का एक वीडियो जारी किया। वीडियो में तारातला के गोदाम की जमींदोज हो चुकी इमारत और राहत कार्य में जुटी क्रेनें साफ देखी जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद बताया।



शाम 4:30 PM - भारी बारिश के कारण हुआ हादसा: मंत्री उमेश राय

शुभेंदु सरकार में मंत्री उमेश राय ने घटनास्थल पर पहुंचकर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया, “यह मुख्य रूप से एक चाय का गोदाम है, जिसके एक हिस्से में नए सिरे से कंस्ट्रक्शन (निर्माण) का काम चल रहा था। इलाके में हो रही भारी बारिश की वजह से यह ढांचा ढह गया। हमारी बचाव टीमों ने 11 लोगों को निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचा दिया था, जिनमें से दो या तीन लोगों की मौत हो चुकी है। राहत कार्य बहुत तेजी से चल रहा है और जल्द ही मुख्यमंत्री भी स्थिति देखने आ रहे हैं।”

इसी दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि यह विवादित या निर्माणाधीन जमीन ओडिशा के किसी बड़े व्यापारी की है, जिसने इसे एक प्राइवेट फर्म को लीज (किराए) पर दे रखा था।

शाम 4:15 PM - भाजपा सरकार के मंत्रियों का दौरा

हादसे की खबर मिलते ही भाजपा सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कौशिक चौधरी भी प्रशासनिक अमले के साथ तारातला पहुंचे। उन्होंने घायलों को जल्द से जल्द बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए।

प्रशासन ने जारी किए इमरजेंसी कंट्रोल रूम नंबर

तारातला हादसे को लेकर राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग बेहद सतर्क हैं। सचिवालय (नबन्ना) में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, ताकि पीड़ित परिवारों को पल-पल की जानकारी मिल सके और मदद पहुंचाई जा सके। प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं:

1070

8697981070

033 22143526

033 22535185

फिलहाल, शाम होने के बावजूद घटनास्थल पर फ्लड लाइट्स (तेज रोशनी) की व्यवस्था की गई है। सेना, एनडीआरएफ और पुलिस के जवान कटर और आधुनिक मशीनों की मदद से मलबे के नीचे दबे अन्य मजदूरों की तलाश में जुटे हुए हैं। अस्पताल प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायलों को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा मिल सके।

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