कोलकाता तारातला हादसा: निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरी, 3 की मौत
x

कोलकाता तारातला हादसा: निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरी, 3 की मौत

पश्चिम कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से 3 मजदूरों की मौत। 45 के दबे होने की आशंका, रेस्क्यू के लिए भारतीय सेना की 4 टुकड़ियां तैनात।


Kolkata Roof Collapse: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहां के तारातला (Taratala) थाना क्षेत्र के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक निर्माणाधीन गोदाम की भारी-भरकम छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 3 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि मलबे के नीचे 40 से 45 मजदूरों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पश्चिम कोलकाता के इस इलाके में हड़कंप मच गया है। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ भारतीय सेना (Indian Army) की चार टुकड़ियों को युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तैनात किया गया है।


अचानक ढहा कंक्रीट और लोहे का ढांचा; दिन ढलते ही मची चीख-पुकार
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और कोलकाता पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बुधवार (24 जून 2026) को अचानक हुआ:

मजदूरों की भारी भीड़: तारातला में ब्रेस ब्रिज (Brace Bridge) के पास इस बड़े गोदाम की साइड पर निर्माण कार्य चल रहा था, जहां बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। अचानक छत का शेड और भारी कंक्रीट का ढांचा ढह गया, जिससे किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव: चीख-पुकार सुनकर सबसे पहले स्थानीय लोग मौके पर दौड़े और मलबे से 6 से 7 घायलों को बाहर निकाला। हादसे की भयावहता को देखते हुए तुरंत राज्य आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस और दमकल विभाग की गाड़ियों को क्रेन और भारी मशीनों के साथ मौके पर रवाना किया गया।

नबान्न में खुला आपदा कंट्रोल रूम; ये हैं इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर
कोलकाता प्रशासन और राज्य सरकार ने नबान्न (Navanna - राज्य सचिवालय) में तुरंत आपदा प्रबंधन का एक केंद्रीय कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। पीड़ितों के परिजनों और जानकारी साझा करने के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:

टोल-फ्री नंबर: 1070

मोबाइल हेल्पलाइन: 8697981070

लैंडलाइन नंबर्स: 033 22143526, 033 22535185

मोर्चे पर उतरी भारतीय सेना की 'ईस्टर्न कमांड'; 18 घायलों का रेस्क्यू
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की अपील पर भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड (Eastern Command) ने मोर्चा संभाल लिया है:

विशेषज्ञ और इंजीनियर्स तैनात: सेना की चार टुकड़ियों को तुरंत दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है। इसमें सेना के बचाव कर्मियों के साथ-साथ भारी कंक्रीट काटने वाले विशेष इंजीनियर्स और मेडिकल स्टाफ की एक टीम शामिल है।

18 घायल अस्पताल रेफर: NDRF, SDRF, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम (KMC) के साथ मिलकर सेना के जवान कंक्रीट और लोहे की भारी बीम को हटाने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक कुल 21 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें से 18 घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जताया गहरा शोक; हर संभव मदद का भरोसा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस हादसे पर गहरा दुख और अफसोस व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा:

"तारातला में ब्रेस ब्रिज के पास बन रहे एक गोदाम के गिरने से हुई मौतों से मुझे गहरा दुख है। इस त्रासदी में जान गंवाने वाले 3 लोगों के लिए मेरे दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हम उन्हें हर संभव मदद देंगे। मलबे में फंसे हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई के लिए हम प्रार्थना कर रहे हैं।"

फिलहाल मौके पर भारी-भरकम क्रेन और मलबा हटाने वाली अत्याधुनिक मशीनों के जरिए लोहे के गर्डर और कंक्रीट को काटा जा रहा है। मलबे के नीचे फंसे लोगों के जानने वाले और परिजनों की भारी भीड़ मौके पर जुटी हुई है, जिसके चलते पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया है।


Read More
Next Story