लखनऊ के अलीगंज में बड़ा हादसा: कोचिंग सेंटर में आग से 11 की मौत
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लखनऊ के अलीगंज में बड़ा हादसा: कोचिंग सेंटर में आग से 11 की मौत

लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर वाली इमारत में भीषण आग। जान बचाने को खिड़की से कूदे छात्र, 11 लोगों की दर्दनाक मौत। सीएम योगी और डिप्टी सीएम मौके पर।


Fire in Coaching Centre at Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र से सोमवार को एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहां एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें झुलसने और दम घुटने के कारण कम से कम 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। आग इतनी खौफनाक थी कि इमारत की पहली मंजिल पर स्थित कोचिंग सेंटर और आईटी ट्रेनिंग कंपनी (गेमिंग प्रॉक्स) में फंसे छात्रों और कर्मचारियों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर नीचे छलांग लगा दी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युद्धस्तर पर राहत कार्य के आदेश दिए हैं।


रोंगटे खड़े करने वाला मंजर: खिड़की से नीचे गिरा युवक, कई घायल

हादसे के वक्त व्यावसायिक इमारत के भीतर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, इस रेस्क्यू और फरारी के दौरान कई विचलित करने वाले दृश्य दिखे:

खिड़की से गिरा युवक: एक वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक युवक इमारत की टूटी हुई खिड़की से बाहर निकलकर लटकने की कोशिश करता है, लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण वह नीचे लगी लोहे की बाड़ (Fence) पर जा गिरता है। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत उठाकर अस्पताल पहुंचाया। वह गंभीर रूप से घायल है।

हड्डियां टूटीं, कई झुलसे: चश्मदीदों के मुताबिक, करीब 5 से 7 छात्रों ने सीधे पहली मंजिल से नीचे छलांग लगाई, जिससे कई युवाओं के हाथ-पैर की हड्डियां टूट गईं। इस इमारत में कोचिंग और आईटी कंपनी के अलावा एक पेट शॉप (Pet Shop) और अन्य दुकानें भी संचालित हो रही थीं।

"पापा, ऑफिस में आग लग गई है..."

हादसे की सूचना मिलते ही कई बेबस माता-पिता घटना स्थल की तरफ दौड़े। मौके पर पहुंचे एक बदहवास पिता प्रभजोत सिंह ने बताया कि उनका बेटा सुखमणि सिंह इसी दफ्तर में काम करता था:

"दोपहर करीब 2:25 बजे मेरे बेटे का फोन आया। वह बेहद घबराया हुआ था और उसने कहा कि पापा, ऑफिस में भीषण आग लग गई है। इस दफ्तर में करीब 20 से 22 लोग काम करते थे।"

दमकल विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि शुरुआती सूचना के अनुसार इमारत के भीतर 10 से 12 लोग फंसे हुए थे। हालांकि, तीन मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल से शुरू हुई आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक दमकल की गाड़ियां हाइड्रोलिक क्रेन के साथ पहुंचतीं, तब तक 11 लोग अपनी जान गंवा चुके थे।


डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर, सीएम योगी ने दिए 'वीआईपी इलाज' के निर्देश

हादसे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश का पूरा प्रशासनिक अमला अलीगंज पहुंच गया। उप-मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) ब्रजेश पाठक ने खुद घटनास्थल का दौरा कर रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली और डॉक्टरों को घायलों के त्वरित इलाज के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इस बड़े हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सख्त हिदायत जारी की है:

त्वरित रेस्क्यू: दमकल और पुलिस की टीमें इमारत के हर कोने की सघन तलाशी लें ताकि कोई भी अंदर फंसा न रह जाए।

उचित और मुफ्त इलाज: खिड़कियों से कूदने और आग की चपेट में आने से घायल हुए सभी छात्रों और नागरिकों को तत्काल बिना किसी देरी के 'वीआईपी मेडिकल ट्रीटमेंट' उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है। प्राथमिक रूप से आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद हादसे के तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।

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