
अब मध्य प्रदेश में भी UCC लाने की तैयारी, रिटायर्ड SC जज की अध्यक्षता में हाईलेवल कमेटी
गठित उच्च स्तरीय समिति अलग‑अलग समुदायों में लागू कानूनों का अध्ययन कर एक समरूप, संतुलित और व्यवहारिक कानूनी ढांचा तैयार करने पर काम करेगी।
सुप्रीम कोर्ट की जिन रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड वाली समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार हुआ था, उन्हीं को मध्य प्रदेश में लाए जाने वाले UCC के लिए कमान दी गई है। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है।
रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी गठित की गई है, जो विवाह, तलाक, भरण‑पोषण, उत्तराधिकार और लिव‑इन जैसे कानूनों की समीक्षा करेगी. समिति 60 दिनों में अपनी रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल सरकार को सौंपेगी।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार ने बड़ा और अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने वैवाहिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत कानूनों की गहन समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति अलग‑अलग समुदायों में लागू कानूनों का अध्ययन कर एक समरूप, संतुलित और व्यवहारिक कानूनी ढांचा तैयार करने पर काम करेगी। 60 दिन के भीतर समिति अपनी रिपोर्ट और मसौदा विधेयक सरकार को सौंपेगी.
जारी आदेश में क्या है?
मध्य प्रदेश शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि राज्य में विवाह, तलाक, भरण‑पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव‑इन जैसे मामलों में अलग‑अलग कानून लागू हैं. ऐसे में इन सभी कानूनों की समग्र समीक्षा कर एक समान और न्यायसंगत व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी।
कौन‑कौन हैं समिति के सदस्य?
इस उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रसाद देसाई करेंगी। उनके साथ प्रशासन, कानून, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों को समिति में शामिल किया गया है, ताकि हर पहलू से विषय पर विचार हो सके।
समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, कानूनविद अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह को सदस्य बनाया गया है। वहीं सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया समिति के सचिव होंगे. यह टीम मिलकर UCC से जुड़े सभी पहलुओं पर काम करेगी।

