
मनोज जरांगे आंदोलन का असर! मराठा छात्रों को छात्रवृत्ति और फीस में राहत
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा छात्रों को OBC जैसी छात्रवृत्ति, फीस प्रतिपूर्ति और शैक्षणिक सुविधाएं देने का फैसला किया है, जो 2026-27 से लागू होगा।
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने आदेश जारी कर मराठा छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में वही रियायतें और सुविधाएं देने का निर्णय लिया है, जो वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को मिलती हैं।शुक्रवार को जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) के अनुसार, संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि इन योजनाओं और लाभों के लिए मौजूदा तथा आगामी वित्तीय वर्षों में पर्याप्त बजटीय प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। इन योजनाओं का उद्देश्य मराठा समुदाय के छात्रों को शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद आया फैसला
यह फैसला मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे द्वारा अपना अनशन समाप्त करने के कुछ दिनों बाद लिया गया है। अनशन समाप्त करने से पहले सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे बातचीत की थी और उनकी मांगों पर आधारित 12 सूत्रीय प्रस्ताव सौंपा था।
मराठा छात्रों को मिलेंगे OBC जैसी छात्रवृत्ति के लाभ
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, OBC छात्रों के लिए लागू पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अब मराठा छात्रों पर भी लागू होगी।इसके अलावा, मोटर वाहन चालक और परिचालक (ड्राइवर एवं कंडक्टर) प्रशिक्षण योजना, जो वर्तमान में OBC उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध है, उसे भी मराठा उम्मीदवारों के लिए सरकार के सारथी (SARTHI) पोर्टल के माध्यम से लागू किया जाएगा।प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर OBC छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ भी अब मराठा समुदाय के विद्यार्थियों को मिलेगा।
ITI और व्यावसायिक शिक्षा में भी मिलेगा लाभ
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) और निजी व्यावसायिक संस्थानों में पढ़ने वाले OBC छात्रों को मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति (Fee Reimbursement) सुविधा अब मराठा छात्रों को भी प्रदान की जाएगी।इसके साथ ही सहायता प्राप्त (Aided) और गैर-सहायता प्राप्त (Unaided) कॉलेजों में पढ़ने वाले OBC छात्रों को मिलने वाले 16 अतिरिक्त शैक्षणिक खर्चों की प्रतिपूर्ति की योजनाएं भी मराठा छात्रों तक विस्तारित की जाएंगी।
दूसरे राज्यों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी मिलेगा फायदा
महाराष्ट्र के OBC छात्रों को अन्य राज्यों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने पर जो सुविधाएं मिलती हैं, वही लाभ अब मराठा छात्रों को भी प्राप्त होंगे।सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन सभी पाठ्यक्रमों के लिए OBC छात्रों को शैक्षणिक रियायतें और सुविधाएं उपलब्ध हैं, उन सभी के लिए मराठा समुदाय के छात्र भी पात्र होंगे।
खाली सीटों पर प्रवेश लेने वाले छात्रों को भी लाभ
केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया (CAP) पूरी होने के बाद यदि कोई मराठा छात्र खाली सीटों पर प्रवेश लेता है, तो उसे भी OBC छात्रों की तरह शैक्षणिक रियायतों का लाभ मिलेगा।सरकार ने यह भी कहा है कि वर्तमान में OBC वर्ग को मिलने वाली या भविष्य में दी जाने वाली किसी भी शैक्षणिक सुविधा और रियायत का लाभ अगले आदेश तक स्वतः मराठा समुदाय को भी मिलेगा।
2026-27 शैक्षणिक सत्र से होगा लागू
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, यह व्यवस्था 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से लागू होगी।इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग के साथ समन्वय कर MahaDBT पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव करें, ताकि पात्र मराठा छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकें।
निगरानी करेगी कैबिनेट उपसमिति
इन योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा उस कैबिनेट उपसमिति द्वारा की जाएगी, जिसका गठन मराठा समुदाय की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का अध्ययन करने तथा संबंधित सिफारिशों पर विचार करने के लिए किया गया है।
मनोज जरांगे का दावा
पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में मनोज जरांगे ने कहा कि उनके हालिया आंदोलन के दौरान उठाई गई कई मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है।उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा समुदाय के लिए एक अलग मंत्रालय स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
इस फैसले को मराठा समुदाय के लिए सरकार की ओर से एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य शिक्षा और रोजगार के अवसरों में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है।

