महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति का दबदबा, विपक्ष का खाता नहीं खुला
x

महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति का दबदबा, विपक्ष का खाता नहीं खुला

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुति ने 17 में 16 सीटें जीतकर विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया। कांग्रेस, उद्धव ठाकरे और शरद पवार गुट का खाता नहीं खुला।


महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग क्लीन स्वीप कर लिया। 17 सीटों पर हुए चुनाव में महायुति ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एक सीट भाजपा के बागी उम्मीदवार के खाते में गई। दूसरी ओर, कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) का खाता तक नहीं खुल सका।

इन चुनावी नतीजों ने विपक्ष को बड़ा झटका दिया है। खासतौर पर ऐसे समय में जब शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही सांसदों की बगावत का सामना कर रही है। एमएलसी चुनाव में भी पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी, जिससे उद्धव ठाकरे की राजनीतिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं।

6 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने गए

कुल 17 सीटों में से 6 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। इनमें पुणे से विक्रम काकड़े, अहिल्यानगर से प्राजक्त तनपुरे, ठाणे से रवींद्र फाटक, कोंकण से अनिकेत तटकरे, यवतमाल से दुष्यंत चतुर्वेदी और वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर से अरुण लखानी शामिल हैं। ये सभी उम्मीदवार सत्ता पक्ष से जुड़े हैं।

11 सीटों पर महायुति का दबदबा

सोमवार को घोषित नतीजों में भाजपा ने सांगली-सातारा, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, अमरावती और धाराशिव-लातूर-बीड जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, परभणी-हिंगोली सीट से शिवसेना के उम्मीदवार सईद खान विजयी रहे।

नांदेड़ सीट पर भाजपा के अमरनाथ राजुरकर ने कांग्रेस के रामदास पाटिल को हराया। परभणी-हिंगोली में सईद खान ने शिवसेना (यूबीटी) के डॉ. विवेक नावंदर को 242 वोटों से मात दी।अमरावती में भाजपा के पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे ने 390 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख को एक भी वोट नहीं मिला।

नागपुर से लेकर संभाजीनगर तक भाजपा की जीत

नागपुर एमएलसी उपचुनाव में भाजपा के डॉ. राजीव पोतदार ने कांग्रेस के अतुल लोंढे को 552 वोटों के बड़े अंतर से हराया। पोतदार को 682 वोट मिले, जबकि लोंढे को केवल 130 वोट प्राप्त हुए।धाराशिव-लातूर-बीड क्षेत्र में भाजपा के बसवराज पाटिल ने कांग्रेस के महेश देशमुख को 721 वोटों से पराजित किया। वहीं भंडारा-गोंदिया सीट पर भाजपा के अविनाश ब्रह्मनकर ने कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार नरेश ईश्वरकर को हराया।

छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट पर भाजपा के सुहास शिरसाट ने जीत दर्ज की, जबकि ठाकरे गुट के गणेश लोखंडे को हार का सामना करना पड़ा।सांगली-सतारा में भाजपा के धैर्यशील कदम ने महाविकास अघाड़ी के अभयसिंह जगताप को 301 वोटों से हराया। जलगांव में भाजपा के नंदकिशोर महाजन ने उद्धव गुट के शरद तायडे को करारी शिकस्त दी।सोलापुर सीट पर भाजपा के राजेंद्र राउत ने एनसीपी उम्मीदवार वसंतराव देशमुख को 365 वोटों से पराजित किया।

नासिक में भाजपा बागी ने बिगाड़ा शिंदे गुट का खेल

इन चुनावों में सबसे बड़ा उलटफेर नासिक सीट पर देखने को मिला। यहां शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गिते ने हरा दिया। खास बात यह है कि गोकुल गिते भाजपा से जुड़े रहे हैं, लेकिन टिकट न मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था।

चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए होटल में ठहराया था, ताकि किसी तरह की खरीद-फरोख्त की आशंका से बचा जा सके। इसके बावजूद उनकी रणनीति नासिक में सफल नहीं हो सकी और गोकुल गिते ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया।

विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजे स्पष्ट संकेत देते हैं कि राज्य की राजनीति में महायुति गठबंधन की पकड़ मजबूत बनी हुई है। वहीं, कांग्रेस, उद्धव ठाकरे और शरद पवार के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को संगठन और जनाधार दोनों स्तरों पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सांसदों की बगावत और एमएलसी चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन ने विपक्ष की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

Read More
Next Story