
सिद्धारमैया या शिवकुमार? कर्नाटक 'कुर्सी' पर बोले खड़गे, तारीख तय नहीं
खड़गे का कहना है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार में सत्ता संघर्ष की अटकलों के बीच कांग्रेस ने कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा करने के लिए तारीख तय...
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार (1 मई) को कहा कि कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अब तक कोई तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक तारीख तय नहीं हो जाती, वह इस मामले पर कोई निर्णायक बयान नहीं दे सकते।
खड़गे की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष को लेकर अटकलें जोर पकड़ रही हैं। कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बात करते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर कोई भी निर्णय उनके स्वयं के द्वारा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा सामूहिक रूप से लिया जाएगा।
शीर्ष नेतृत्व का फैसला
खड़गे ने कहा, "देखिये, हम तीनों मिलकर निर्णय लेंगे- मैं एआईसीसी (AICC) अध्यक्ष के रूप में, सोनिया गांधी कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष के रूप में और राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में। इसीलिए हम हमेशा मिलकर काम करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "जब हम तीनों मिलकर कोई तारीख तय करेंगे, तब हम फैसला लेंगे। चूंकि अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है तो मैं कैसे कह सकता हूं कि बदलाव हो रहा है या नहीं?" खड़गे ने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस नेतृत्व किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक परामर्शी प्रक्रिया (consultative process) का पालन करता है।
परामर्शी प्रक्रिया
खड़गे ने कहा, "हाईकमान में, हम आपस में विस्तृत चर्चा करते हैं और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी सलाह लेते हैं। हम इस बात पर विचार करते हैं कि परिणाम क्या होगा और फिर उसके अनुसार कदम उठाते हैं।"
मीडिया से इस मामले को "गलत तरीके से पेश" करने से बचने का आग्रह करते हुए, खड़गे ने पत्रकारों से कहा कि जब यह फाइनल हो जाएगा तो वह निश्चित रूप से उन्हें सूचित करेंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि वह अक्सर गलत व्याख्या से बचने के लिए सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से बचते हैं।
'फैसला सभी पर होगा बाध्यकारी'
पार्टी अनुशासन पर जोर देते हुए खड़गे ने कहा कि कोई भी अंतिम निर्णय सभी के लिए बाध्यकारी होगा। उन्होंने कहा, "जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह राज्य के हित में होगा और हाईकमान जो भी निर्णय लेगा, हर किसी को उसका समर्थन करना होगा।"
इससे पहले गुरुवार को खड़गे ने कहा था कि कर्नाटक में "फिलहाल" मुख्यमंत्री का कोई बदलाव नहीं हो रहा है और राज्य में नेतृत्व के मुद्दे को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
उत्तराधिकार की चर्चा
ये टिप्पणियां नवंबर 2025 में कांग्रेस सरकार के आधा कार्यकाल पूरा होने पर शिवकुमार को सत्ता हस्तांतरण के कथित समझौते को लेकर चल रही अटकलों के बीच आई हैं।
हालांकि सिद्धारमैया ने दावा किया है कि उनका इरादा पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि वह पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय का पालन करेंगे। हालही शिवकुमार और उनके भाई डी.के. सुरेश की दिल्ली यात्रा ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को हवा दी है, जिससे उनके समर्थक भी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

