
पुदुचेरी तक मार्टिन परिवार का राजनीतिक दबदबा, मंत्री बनेंगे चार्ल्स?
तमिलनाडु और पुदुचेरी के चुनावों में मार्टिन परिवार के तीन सदस्यों- जोस चार्ल्स मार्टिन, लीमा रोज और आधव अर्जुना की बड़ी जीत हुई। कयास लगाए जा रहे हैं कि जोस...
बुधवार (13 मई) को एन. रंगासामी ने पांचवीं बार पुदुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ भाजपा के ए. नमशिवायम और एनआर कांग्रेस के मल्लादी कृष्ण राव ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पुदुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के लिए अनुमत पांच सदस्यीय कैबिनेट में अब तक केवल दो मंत्रियों ने शपथ ली है, जिसका अर्थ है कि तीन पद अभी भी रिक्त हैं। सूत्रों के अनुसार, इन तीन में से दो पद एनआर कांग्रेस और एक पद भाजपा के कोटे में जाने की उम्मीद है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा, रंगासामी पर 'लक्षिया जननायगा कच्ची' (LJK) के जोस चार्ल्स मार्टिन को भाजपा कोटे से मंत्री बनाने का दबाव बना रही है। विधानसभा चुनावों के दौरान एलजेके ने एनडीए के हिस्से के रूप में दो सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें "लॉटरी किंग" सैंटियागो मार्टिन के बड़े बेटे जोस ने कामराजर नगर निर्वाचन क्षेत्र से भारी जीत दर्ज की है।
क्या जोस चार्ल्स बनेंगे पुदुचेरी में मंत्री?
अपनी जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जोस चार्ल्स ने कहा कि मंत्री बनने से उन्हें जनता के लिए कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। राजनीतिक सूत्रों का संकेत है कि जोस दिल्ली के भाजपा नेतृत्व और पुदुचेरी भाजपा इकाई दोनों के माध्यम से सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। खबर है कि रंगासामी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष ने जोस को कैबिनेट में शामिल करने और भाजपा के लिए एक अतिरिक्त मंत्री पद आवंटित करने की संभावना पर चर्चा की है। इसके अलावा, भाजपा पिछले कार्यकाल की तरह इस बार भी अध्यक्ष (स्पीकर) का पद हासिल करने की इच्छुक है। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार रंगासामी जोस को कैबिनेट में शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं। लेकिन केंद्र सरकार के सहयोग पर निर्भरता को देखते हुए वे भाजपा की मांगों को मानने के दबाव में हैं। 18 मई को होने वाले कैबिनेट विस्तार में जोस के मंत्री बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
तमिलनाडु में पत्नी और दामाद का बढ़ता प्रभाव
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मार्टिन परिवार पहले से ही तमिलनाडु की राजनीति में काफी प्रभावशाली है। सैंटियागो मार्टिन के दामाद आधव अर्जुना पहले से ही तमिलनाडु में मंत्री के रूप में कार्यरत हैं और अब जोस पुदुचेरी में मंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं। दूसरी ओर, सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज, जो लालगुडी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुनी गई हैं, उनकी भी राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि अन्नाद्रमुक (AIADMK) के भीतर हाल ही में हुई आंतरिक कलह में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस चुनावी सीजन के बाद, मार्टिन परिवार देश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक बनकर उभरा है, जिसकी पकड़ तमिलनाडु और पुदुचेरी दोनों राज्यों की सत्ता पर मजबूत होती दिख रही है।

