
शपथ के कुछ घंटे बाद ही विजय पर स्टालिन का तीखा हमला 'धोखा मत दीजिए!'
पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को बधाई देने के साथ उनके पहले भाषण में राज्य की आर्थिक स्थिति पर दिए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने रविवार को नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को बधाई देने के साथ-साथ उनके पहले भाषण में राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया भी दी।
स्टालिन ने मुख्यमंत्री पद संभालने पर विजय को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह पदभार ग्रहण करते ही उनके द्वारा किए गए शुरुआती घोषणाओं का स्वागत करते हैं। हालांकि उन्होंने नई सरकार को यह कहने से बचने की सलाह दी कि राज्य का खजाना खाली है या चुनावी वादों को पूरा करने के लिए धन नहीं है।
‘पैसा है, जरूरत इच्छाशक्ति की है’
स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तमिल भाषा में पोस्ट करते हुए लिखा, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने वाले तमिलगा वेत्री कड़गम के नेता अभिनेता विजय को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। पद संभालते ही आपने जिन घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए हैं, उनका भी मैं स्वागत करता हूं।”
लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने विजय के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछली सरकार राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई है।
स्टालिन ने कहा, “शुरुआत से ही यह मत कहना शुरू कर दीजिए कि सरकार के पास पैसा नहीं है। पैसा है। जरूरत है तो उसे जनता तक पहुंचाने की इच्छाशक्ति और शासन चलाने की क्षमता की।”
डीएमके सरकार का बचाव
डीएमके प्रमुख ने अपनी सरकार के पिछले पांच वर्षों के कामकाज का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कोविड महामारी, बाढ़ और केंद्र की भाजपा सरकार की उपेक्षा जैसी कई चुनौतियों के बावजूद जनता के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं।
उन्होंने लिखा, “पिछले पांच वर्षों में हमने कोविड, बाढ़ और केंद्र सरकार की अनदेखी जैसी कई समस्याओं से जूझते हुए भी लोगों के लिए अनगिनत कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं।”
‘बजट में पहले ही बता चुके थे आर्थिक स्थिति’
स्टालिन ने विजय के शपथ ग्रहण भाषण का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि चुनाव से पहले सरकार की वित्तीय स्थिति सार्वजनिक होने के बावजूद अब वह कर्ज और खाली खजाने की बात क्यों कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “अपने पहले ही भाषण में आपने यह आरोप दोहराया कि पिछली सरकार 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गई और खजाना खाली कर गई। जबकि तमिलनाडु का कर्ज स्तर निर्धारित सीमा के भीतर है।”
उन्होंने आगे कहा, “फरवरी में पेश बजट में हमने तमिलनाडु सरकार की वित्तीय स्थिति स्पष्ट रूप से बताई थी। क्या आपको इसकी जानकारी नहीं थी? उसी के बाद आपने जनता से इतने सारे वादे किए थे?”
‘वोट देने वालों को धोखा मत दीजिए’
स्टालिन ने नई सरकार पर चुनावी वादों से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने आपको वोट दिया है, उन्हें दोबारा धोखा देने और मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश मत कीजिए।”
उन्होंने विजय को उनके चुनाव प्रचार के दौरान किए गए उस वादे की भी याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे केवल व्यवहारिक और संभव वादे ही करेंगे।
स्टालिन ने लिखा, “आप सत्ता में आने से पहले कहते थे कि केवल वही वादे करेंगे जिन्हें व्यवहारिक रूप से पूरा किया जा सके। अब आप शासन की वास्तविकताओं में प्रवेश कर चुके हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे विश्वास है कि हमारी तरह आप भी जल्द ही यह सीख जाएंगे कि जनता से किए गए वादों को कैसे पूरा किया जाता है। जिन लोगों ने आपको वोट दिया है, उनकी तरह मैं भी यही उम्मीद करता हूं।”
हालांकि आलोचना के बावजूद स्टालिन ने अंत में विजय को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “तमिलनाडु की विकास यात्रा आपके शासन में भी आगे बढ़ती रहे, इसके लिए एक बार फिर मेरी शुभकामनाएं।”

