तमिलनाडु हार पर स्टालिन ने ली जिम्मेदारी, बोले- किसी को दोष नहीं दूंगा
x

तमिलनाडु हार पर स्टालिन ने ली जिम्मेदारी, बोले- किसी को दोष नहीं दूंगा

तमिलनाडु चुनाव में हार के बाद एमके स्टालिन ने जिम्मेदारी ली, समीक्षा समिति बनाने का ऐलान किया और AIADMK पर भी तंज कसा।


M. K. Stalin ने गुरुवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार की पूरी जिम्मेदारी खुद लेते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को हुए चुनाव में Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) की हार के कारणों की समीक्षा के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जो 20 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में जिला सचिवों की बैठक को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि इस चुनाव में कोई भी पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि Joseph Vijay के नेतृत्व वाली सरकार गठबंधन सहयोगियों के समर्थन से सत्ता में आई है।स्टालिन ने कहा, “टीवीके सरकार को वाम दलों, वीसीके और IUML का बिना शर्त समर्थन मिला, जिसकी वजह से सरकार बन सकी।”

उन्होंने चुनाव नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जब भी DMK सत्ता से बाहर हुई, पार्टी को बहुत कम सीटें मिलीं। लेकिन इस बार पार्टी ने 59 सीटें जीती हैं और सहयोगियों की सीटें जोड़ने पर यह संख्या 73 तक पहुंच जाती है।

स्टालिन ने कहा कि जीत और हार राजनीति का हिस्सा हैं, ठीक वैसे ही जैसे जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। उन्होंने दावा किया कि DMK दूसरी पार्टियों की तुलना में ज्यादा परिपक्व पार्टी है। इसी दौरान उन्होंने All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) पर तंज भी कसा।

उन्होंने कहा, “हमने दूसरी पार्टियों की तरह डरकर अपने विधायकों को रिसॉर्ट या फाइव स्टार होटल में नहीं रखा। हमने हार का सामना हिम्मत के साथ किया।” उनका यह बयान AIADMK पर निशाना माना जा रहा है, जिसने चुनाव नतीजों के बाद अपने विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में ठहराया था।

स्टालिन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने लगातार मेहनत की और DMK सरकार ने जनता के कल्याण के लिए काम किया। उन्होंने कहा, “लोग यह सब जानते हैं। मैं हमारी हार के लिए किसी और को दोष नहीं देना चाहता। पार्टी का नेता होने के नाते मैं इस हार की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। जब जीत का श्रेय ले सकता हूं, तो हार की जिम्मेदारी लेना भी गलत नहीं है।”

उन्होंने विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें टीवीके सरकार को 144 वोट मिले। स्टालिन ने कहा कि भले ही सरकार को चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, लेकिन उसने सदन में अपना बहुमत साबित कर दिया।

AIADMK में अंदरूनी मतभेदों का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा कि विश्वास मत के दौरान पार्टी के 25 विधायकों ने टीवीके सरकार के पक्ष में वोट दिया। उन्होंने कहा, “AIADMK आगे क्या करेगी, यह कहना मुश्किल है। ऐसे माहौल में हमें विधानसभा के भीतर बेहद सतर्क और प्रभावी तरीके से काम करना होगा।”

Read More
Next Story