बुलडोजर प्रहार: निदा खान के मददगार AIMIM पार्षद के ऑफिस-घर जमींदोज
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टीसीएस कांड में आरोपी निदा खान (शुरुआती दोनों चित्र)। सहायता करने का आरोपी मतीन पटेल (फाइल फोटो)

बुलडोजर प्रहार: निदा खान के 'मददगार' AIMIM पार्षद के ऑफिस-घर जमींदोज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी का बुल्डोजर प्रहार काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसका प्रताप अब नासिक में देखने को मिला, जहां TCS यौन शोषण की आरोपी निदा खान के..


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गैरकानूनी कृत्यों में लिप्त लोगों को सजा देने के लिए प्रशासन का 'पीला पंजा' यानी कि बुल्डोजर उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल और अब महाराष्ट्र में अपना असर दिखा रहा है। महाराष्ट्र के नासिक में, जहां TCS में यौन शोषण कराने और धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य करने की आरोपी निदा खान के मददगार AIMIM पार्षद मतीन पटेल के ठिकानों पर बुल्डोजर से प्रहार किया गया।


नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की कर्मचारी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले ने अब एक गंभीर प्रशासनिक और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अब उन लोगों पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है, जिन्होंने उसे फरार रहने के दौरान संरक्षण दिया था। इसी क्रम में, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पार्षद अब्दुल मतीन पटेल के घर और कार्यालय पर नगर निगम ने बुधवार सुबह बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया।

शरण देने के आरोप में दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि पार्षद मतीन पटेल ने मुख्य आरोपी निदा खान को नारेगांव स्थित कौसर पार्क इलाके में अपने आवास पर पनाह दी थी। इस खुलासे के बाद नासिक पुलिस ने मतीन पटेल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 249 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया था। निदा खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

अवैध निर्माण का हवाला देकर हुई कार्रवाई

एक तरफ जहां पुलिस आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम ने मतीन पटेल के ठिकानों पर 'बुलडोजर एक्शन' शुरू कर दिया है। निगम प्रशासन का दावा है कि पार्षद के घर और कार्यालय का निर्माण निर्धारित नियमों के विरुद्ध किया गया था। इस संबंध में तीन दिन पूर्व ही नोटिस जारी किया गया था। बुधवार सुबह तय समय सीमा समाप्त होते ही निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

विरोध का अनोखा तरीका: महिलाओं ने थमाई संविधान की प्रति

कार्रवाई के दौरान मौके पर एक अप्रत्याशित और भावुक नजारा देखने को मिला। जब निगम के अधिकारी और पुलिस बल बुलडोजर लेकर पहुंचे, तो स्थानीय महिलाओं ने उनके सामने फूलों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने अधिकारियों का स्वागत फूल देकर किया और उन्हें भारत के संविधान की प्रतियां भेंट कीं।

महिलाओं का तर्क था कि वे कानून के पालन के विरुद्ध नहीं हैं। लेकिन किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई संविधान की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में रहकर ही की जानी चाहिए। इस अनोखे प्रतीकात्मक विरोध ने न केवल अधिकारियों को सोच में डाल दिया। बल्कि पूरे इलाके में यह चर्चा का विषय बन गया। महिलाओं के इस रुख के कारण प्रशासन को काफी सतर्कता बरतनी पड़ी।

राजनीतिक बयानबाजी और तनावपूर्ण माहौल

इस कार्रवाई के बाद नासिक का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। साथ ही AIMIM के नेताओं ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए, इसे राजनीतिक प्रतिशोध और दबाव में की गई कार्रवाई करार दिया है। वहीं, नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के तहत की जा रही है और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

वर्तमान में पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निदा खान से पूछताछ में जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

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