NCR का दायरा नहीं घटेगा, प्लानिंग बोर्ड ने खारिज किया हरियाणा का प्रस्ताव
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NCR का दायरा नहीं घटेगा, प्लानिंग बोर्ड ने खारिज किया हरियाणा का प्रस्ताव

दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में हरियाणा का 5 जिलों को बाहर करने का प्रस्ताव खारिज, एनसीआर का दायरा पहले की तरह रहेगा बरकरार, अगस्त 2026 तक आएगी रिपोर्ट।


NCR Planning Board: दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) प्लानिंग बोर्ड की 42वीं अहम बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। बोर्ड ने हरियाणा सरकार द्वारा एनसीआर का दायरा कम करने और 5 जिलों को इससे बाहर निकालने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से नामंजूर कर दिया है। इस फैसले के साथ ही अब दिल्ली एनसीआर का भौगोलिक विस्तार पहले की तरह ही बना रहेगा और इसमें फिलहाल कोई कटौती नहीं होगी। हरियाणा सरकार ने पानीपत, चरखी दादरी और जींद समेत अपने 5 जिलों को एनसीआर से बाहर करने की पुरजोर मांग रखी थी।


100 किमी के दायरे का नियम फिलहाल लागू नहीं
हरियाणा सरकार का तर्क था कि एनसीआर के दायरे में आने के कारण तमाम सख्त बंदिशें लागू होती हैं, जिससे उनके जिलों में विकास परियोजनाएं बाधित हो रही थीं। यदि प्रस्ताव मंजूर हो जाता, तो हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र 25,327 वर्ग किलोमीटर से घटकर मात्र 10,546 वर्ग किलोमीटर रह जाता, यानी इसमें लगभग 60 फीसदी की कटौती हो जाती। ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 (Draft Regional Plan-2041) के तहत यह मुद्दा काफी समय से चर्चा में था, लेकिन बोर्ड ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया है।

दिसंबर में होगी एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अगली बैठक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के बाद जानकारी दी कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने एक विशेष सब-कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी एनसीआर के दायरे और भविष्य की नीतियों पर विचार करेगी और अगस्त 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। अब इस पूरे मामले पर अंतिम मंथन दिसंबर में होने वाली एनसीआर बोर्ड की अगली बैठक में किया जाएगा। सीएम सैनी ने यह भी बताया कि बोर्ड की बैठक में '4 नमो सिटी' के विकास के लिए राज्यों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

दिल्ली-एनसीआर की वर्तमान स्थिति
मौजूदा समय में दिल्ली एनसीआर 24 जिलों में फैला हुआ है। इसमें दिल्ली के 11 जिले शामिल हैं, जबकि शेष एनसीआर दिल्ली की सीमा से लगभग 150 से 175 किलोमीटर तक के दायरे में फैला है। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई प्रमुख शहर और जिले शामिल हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश व राजस्थान के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल एनसीआर की भौगोलिक सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।


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