केजरीवाल की जेन-जी से अपील, नेपाली-बांग्लादेशी युवाओं से सीख लें!
x
अरविंद केजरीवाल। फाइल फोटो।

केजरीवाल की 'जेन-जी' से अपील, नेपाली-बांग्लादेशी युवाओं से सीख लें!

नीट पेपर लीक पर केजरीवाल का केंद्र पर तीखा प्रहार और युवाओं से 'जेन-जी' आंदोलन का आह्वान। देश में पेपर लीक के आंकड़ों और जांच प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल...


Click the Play button to hear this message in audio format

नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने देश के युवाओं, विशेषकर 'जेन-जी' (Gen Z) से सीधे संवाद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक देश में कुल 93 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच का सीबीआई को सौंपा जाना अब एक घिसी-पिटी स्क्रिप्ट बन चुकी है, जिसमें अंततः अपराधी जमानत पर बाहर आ जाते हैं और अगले साल फिर से पेपर लीक करने की साजिश रचने लगते हैं।

जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता और मास्टरमाइंड को संरक्षण का आरोप

केजरीवाल ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करते हुए कहा कि 2017, 2021 और 2024 के पेपर लीक मामलों में भी जांच सीबीआई को दी गई थी। लेकिन आज तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। उन्होंने 2024 के मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि सीबीआई ने कथित मास्टरमाइंड के खिलाफ 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिससे उसे कानूनी रूप से 'ऑटोमैटिक बेल' मिल गई। केजरीवाल ने दावा किया कि सीबीआई अधिकारियों की अक्षमता के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव के कारण ऐसा करती है। क्योंकि यह एजेंसी उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो कथित तौर पर इन पेपर लीक के पीछे हैं।

भाजपा शासित राज्यों को बताया पेपर लीक का केंद्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने डेटा साझा करते हुए कहा कि 93 पेपर लीक में से अधिकांश मामले राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में हुए हैं, जहां भाजपा की 'डबल इंजन' सरकारें हैं। उन्होंने हालिया नीट लीक का 'एपिसेंटर' राजस्थान को बताते हुए आरोप लगाया कि जांच की सुई भाजपा से जुड़े नेताओं की ओर इशारा कर रही है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या यह महज इत्तेफाक है कि जहां भी भाजपा का शासन है, वहीं सबसे ज्यादा पेपर लीक हो रहे हैं, या फिर इन अपराधियों को सत्ता का सीधा संरक्षण प्राप्त है।

नेपाल और बांग्लादेश की तर्ज पर युवा क्रांति की अपील

देश के युवाओं में जोश भरते हुए अरविंद केजरीवाल ने पड़ोसी देशों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यदि नेपाल और बांग्लादेश का 'जेन-जी' सड़कों पर उतरकर सरकारें गिरा सकता है तो भारत का युवा पेपर लीक करने वाले अपराधियों और मंत्रियों को जेल क्यों नहीं भेज सकता। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि अगर वे आज चुप रहे तो हर साल पेपर लीक होने का यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि बड़े नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं और वे कभी भी 'झोला उठाकर' जाने की बात कर सकते हैं। लेकिन देश के आम छात्रों और उनके परिवारों को इसी मिट्टी में रहना है। इसलिए देश के भविष्य को बचाने की जिम्मेदारी अब युवाओं के कंधों पर है।

Read More
Next Story