
सिक्किम को 4000 करोड़ की सौगात: PM मोदी का 'अष्टलक्ष्मी' विजन पेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के राज्य स्थापना दिवस के स्वर्ण जयंती समापन समारोह पर 4,000 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ किया...
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को पूर्वोत्तर राज्यों को भारत की “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र देश की समृद्धि, विकास और संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने सिक्किम दौरे के दौरान यह टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार की विकास प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
सिक्किम में राज्य के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने लगभग 4,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के विकास को लेकर विशेष रूप से प्रतिबद्ध है और अब “Act East” नीति से आगे बढ़कर “Act Fast” दृष्टिकोण पर काम कर रही है। उनका कहना था कि इन आठ राज्यों को “अष्टलक्ष्मी” के रूप में देखा जाना चाहिए, जो समृद्धि और शुभता का प्रतीक हैं।
उन्होंने सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता की भी सराहना की। प्रधानमंत्री के अनुसार, यहां 500 से अधिक पक्षियों और लगभग 700 तितलियों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जो इसे पर्यटन के लिए बेहद आकर्षक बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क बेहद जरूरी है।
इस दिशा में सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिनमें पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से गंगटोक तक एक्सप्रेसवे और नई रेल कनेक्टिविटी शामिल है। ये परियोजनाएं न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के विकास का अहम केंद्र बन सकता है और यहां के युवाओं में खेल व अन्य क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने स्थानीय रोजगार बढ़ाने के लिए होमस्टे और पर्यटन ढांचे के विस्तार पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा पूर्वोत्तर क्षेत्र—विशेषकर सिक्किम—को तेज़ विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यटन के जरिए राष्ट्रीय मुख्यधारा से और अधिक जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

