बंपर वोटिंग, बंगाल में हिंसा के बीच पहले फेज में 92% तो तमिलनाडु में 85% मतदान
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बंपर वोटिंग, बंगाल में हिंसा के बीच पहले फेज में 92% तो तमिलनाडु में 85% मतदान

तमिलनाडु की सभी 234 सीटों और पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण का मतदान गुरुवार को संपन्न हो गया। बंगाल में मुर्शिदाबाद और सिलीगुड़ी जैसे इलाकों में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिली।


भारत के दो महत्वपूर्ण राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार, 23 अप्रैल को लोकतंत्र का बड़ा उत्सव संपन्न हुआ। इन दोनों राज्यों में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग देखने को मिली। बंगाल में जहां 90 फीसदी मतदान हुआ तो तमिलनाडु में लगभग 83% मतदाताओं ने वोट किया तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर जहाँ एक ही चरण में मतदान पूरा कर लिया गया, वहीं पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण के तहत वोट डाले गए। सुबह सात बजे से शुरू हुई यह प्रक्रिया शाम तक जारी रही, जिसमें करोड़ों मतदाताओं ने हिस्सा लिया।

पश्चिम बंगाल: भारी सुरक्षा, फिर भी भारी पड़ी हिंसा

पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 'मिश्रित' रहा। एक तरफ जहाँ करीब 90 प्रतिशत के रिकॉर्ड मतदान की खबरें आईं, वहीं दूसरी तरफ हिंसा और झड़पों ने चुनावी प्रक्रिया को धुंधला कर दिया। पहले चरण में 152 सीटों पर कुल 1478 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है।

मुर्शिदाबाद जिले से तनाव की सबसे गंभीर खबरें आईं। यहाँ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं और आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई। सिलीगुड़ी में भी भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच कई जगहों पर हाथापाई की खबरें मिलीं।

सबसे चौंकाने वाला मामला कुमारगंज से सामने आया, जहाँ भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंटों को डरा-धमकाकर बूथों से बाहर निकाल दिया गया। सरकार ने यह भी दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला किया गया। इन हिंसक घटनाओं के बावजूद, बंगाल की महिलाओं में वोटिंग को लेकर खासा उत्साह देखा गया और मतदान केंद्रों पर उनकी लंबी कतारें भाजपा और टीएमसी के बीच कड़े मुकाबले की गवाह बनीं।

तमिलनाडु: शांतिपूर्ण मतदान और सितारों का जमावड़ा

बंगाल के विपरीत, तमिलनाडु में मतदान की प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण और सुचारू रही। राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए एक ही बार में वोटिंग आयोजित की गई थी। यहाँ मुकाबला मुख्य रूप से सत्ताधारी डीएमके (DMK) के नेतृत्व वाले 'इंडिया' गठबंधन और एआईएडीएमके (AIADMK)-बीजेपी के 'एनडीए' गठबंधन के बीच है।

चेन्नई से लेकर कन्याकुमारी तक सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ देखी गई। तमिलनाडु की राजनीति में फिल्मी सितारों का हमेशा से बड़ा प्रभाव रहा है, और इस बार भी रजनीकांत, कमल हासन और विजय (जो अपनी नई पार्टी TVK के साथ मैदान में हैं) जैसे कई दिग्गजों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कई बड़े राजनेताओं ने भी सुबह-सुबह मतदान कर जनता से बड़ी संख्या में बाहर आने की अपील की।

क्या कहते हैं सियासी समीकरण?

बंगाल में जहाँ टीएमसी अपनी सत्ता बचाने की जंग लड़ रही है, वहीं भाजपा ने 'सोनार बांग्ला' के नारे के साथ पूरी ताकत झोंक रखी है। पहले चरण की 152 सीटें दोनों ही पार्टियों के लिए निर्णायक साबित होंगी। विश्लेषकों का मानना है कि हिंसा के बावजूद भारी मतदान का होना किसी बड़े बदलाव या सत्ता विरोधी लहर का संकेत हो सकता है।

दूसरी ओर, तमिलनाडु में चुनाव इस बार 'त्रिकोणीय' मोड़ लेता दिख रहा है। अन्नाद्रमुक और द्रमुक की पारंपरिक लड़ाई के बीच विजय की पार्टी TVK और अन्नामलाई के नेतृत्व वाली भाजपा ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

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