लाश देखने की उत्सुकता ले गई 4 जिंदगियां, प्रयागराज में मौत की पटरी!
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प्रयागराज में ट्रेन की पटरियों पर दिल दहला देने वाली घटना (प्रतीकात्मक चित्र)

लाश देखने की 'उत्सुकता' ले गई 4 जिंदगियां, प्रयागराज में मौत की पटरी!

प्रयागराज में दिल्ली-हावड़ा रूट पर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक शव को देखने के चक्कर में 4 अन्य यात्री दूसरी तरफ से आई ट्रेन की चपेट में आ गए। मौके पर मौत...


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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर बुधवार (15 अप्रैल) को एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक घटना घटी। पटरियों पर पड़े एक शव को देखने की उत्सुकता और ट्रेन के अघोषित ठहराव के कारण हुई, एक के बाद एक घटनाओं की कड़ी ने पांच लोगों की जान ले ली। इस हादसे ने सुरक्षा और सावधानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे की शुरुआत और यात्रियों की जानलेवा उत्सुकता

रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार शाम करीब 6:15 बजे पचदेवरा गांव के पास दिल्ली-हावड़ा लाइन पर कालका एक्सप्रेस के लोको पायलट ने ट्रेन को अचानक रोक दिया। ट्रेन के रुकने का कारण पटरी पर एक व्यक्ति का ट्रेन की चपेट में आ जाना था। ट्रेन के अचानक रुकते ही जनरल कोच में सवार कई यात्री उत्सुकतावश यह देखने के लिए नीचे उतर गए कि आखिर हुआ क्या है। वे पटरी पर पड़े उस शव को देखने के लिए पास की पटरियों पर जमा हो गए।

दूसरी पटरी पर मौत बनकर आई पुरुषोत्तम एक्सप्रेस

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शशिकांत त्रिपाठी ने पुष्टि की कि जब कालका एक्सप्रेस रुकी हुई थी। तब सामान्य डिब्बों से यात्री नीचे उतरकर पटरियों पर ही खड़े रहे। उसी समय, विपरीत दिशा से पास वाली पटरी पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस तेज रफ्तार में आ गई। पटरियों पर खड़े यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और ट्रेन ने चार लोगों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के कारण हावड़ा-दिल्ली मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन काफी समय तक बाधित रहा।

मृतकों की पहचान और शिनाख्त की प्रक्रिया

हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से तीन की पहचान हो चुकी है...

बलिराम भगत (36 वर्ष): ये वह पहले व्यक्ति थे जो कालका एक्सप्रेस की चपेट में आए थे। वे बिहार के सीवान के रहने वाले थे।

सुनील कुमार: पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आए यात्रियों में से एक, जो मिर्जापुर के नीबी बिसुंदपुर गांव के निवासी संतलाल के पुत्र थे।

आकाश (19 वर्ष): फिरोजाबाद के खैरगढ़ निवासी गिरिराज के पुत्र।

बाकी दो मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस उनकी शिनाख्त के प्रयास कर रही है।

अधिकारियों का मौका-मुआयना और जांच के आदेश

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा, डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव और जीआरपी एसपी प्रशांत वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। सभी शवों को पटरियों से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

जीआरपी एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया, "इस हादसे में कुल पांच लोगों की जान गई है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। यदि इस दौरान किसी भी प्रकार की आपराधिक लापरवाही पाई जाती है तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामला दर्ज किया जाएगा।"

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और पीड़ितों की सहायता करने के निर्देश दिए। रेलवे ने भी इस दुखद घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा नियमों में कहां चूक हुई।

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