
पुणे में मासूम की हत्या के बाद सड़कों पर उतरे लोग, मृत्युदंड की मांग
65 साल के आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग को लेकर 4 घंटे तक हाईवे रहा जाम। मुख्यमंत्री फडणवीस बोले, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस, फांसी की करेंगे मांग...
पुणे, 3 मई 2026: महाराष्ट्र के पुणे जिले में चार साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी निर्मम हत्या के विरोध में शनिवार को जन-आक्रोश फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मुंबई-बेंगलुरु हाईवे को पूरी तरह बाधित कर दिया, जिससे इस व्यस्त मार्ग पर करीब चार घंटे तक यातायात ठप रहा।
हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन
शनिवार शाम को पीड़िता के परिजनों और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पुणे के नवले ब्रिज इलाके में हाईवे पर बच्ची का शव रखकर रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी इस मामले में गिरफ्तार किए गए 65 वर्षीय आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे थे।
हाईवे पर लगे भीषण ट्रैफिक जाम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बाद में, कड़ी सुरक्षा के बीच आधी रात के बाद पुणे के वैकुंठ श्मशान घाट में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह हृदय विदारक घटना पुणे जिले की भोर तहसील में शुक्रवार को हुई। आरोपी, जो एक मजदूर के रूप में काम करता है और जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है, ने कथित तौर पर खाने का लालच देकर बच्ची को बहला-फुसला लिया।
आरोपी उसे एक पशु बाड़े (Cattle Enclosure) में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ यौन शोषण किया और बाद में पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने एक निजी आवास में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसमें वह बच्ची के साथ नजर आ रहा था। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
महाराष्ट्र सरकार का कड़ा रुख
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह विभाग के प्रमुख देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार आरोपी के लिए मृत्युदंड (Capital Punishment) की मांग करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया, "इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाएगी ताकि जल्द से जल्द न्याय मिल सके।"
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी शनिवार को पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और उन्हें आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक ट्रायल का आश्वासन दिया। इस घटना को "चौंकाने वाली" और "मानवता पर कलंक" बताते हुए पवार ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से भी बात की और आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन का आग्रह किया।

