पंजाब निकाय चुनाव में AAP की बंपर जीत, 690 से ज्यादा वार्डों पर चली झाड़ू
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पंजाब निकाय चुनाव में AAP की बंपर जीत, 690 से ज्यादा वार्डों पर चली झाड़ू

इस ऐतिहासिक मौके पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए मैदान में उतरे। उन्होंने पंजाब की जनता का दिल से आभार व्यक्त किया।


पंजाब में हुए नगर निकाय चुनाव (Civic Body Elections) के नतीजों में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने एकतरफा और बंपर जीत हासिल की है। शुक्रवार (29 मई) को सुबह 8 बजे से शुरू हुई वोटों की गिनती के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, उसने विपक्षी दलों के होश उड़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली 'आप' सरकार ने राज्य के अधिकांश नगर निगमों और नगर पंचायतों में अपना परचम लहरा दिया है।

शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने अब तक 690 से अधिक वार्डों में शानदार जीत दर्ज कर ली है और कई अन्य सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। इस बड़ी जीत ने यह साबित कर दिया है कि पंजाब की जनता का भरोसा अभी भी अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की जोड़ी पर कायम है। अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस जीत को 'आप' के लिए एक बहुत बड़े बूस्टर डोज के रूप में देखा जा रहा है।

ढोल की थाप और मिठाइयों के साथ जश्न शुरू

जैसे ही टीवी स्क्रीन्स और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर आम आदमी पार्टी की जीत के आंकड़े साफ होने लगे, पूरे पंजाब में जश्न का माहौल बन गया। चंडीगढ़ से लेकर अमृतसर, बठिंडा और मोहाली तक आप (AAP) के दफ्तरों के बाहर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाए, मिठाइयां बांटीं और ढोल की थाप पर जमकर भांगड़ा किया।

इस ऐतिहासिक मौके पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए मैदान में उतरे। उन्होंने पंजाब की जनता का दिल से आभार व्यक्त किया। सिसोदिया ने कहा कि यह जीत अरविंद केजरीवाल की नीतियों और मुख्यमंत्री भगवंत मान के काम की जीत है। पंजाब के लोगों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल विकास और ईमानदारी की राजनीति को पसंद करते हैं।

मनीष सिसोदिया का बीजेपी पर सीधा हमला: 'ED की राजनीति नहीं चलेगी'

नतीजों के बाद मीडिया से बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बेहद तीखे शब्दों में कहा, "पंजाब की समझदार जनता ने 'ED पार्टी' यानी बीजेपी को करारा जवाब दिया है। पंजाब के लोग किसी के दबाव में नहीं आते। यहां ईडी (ED) और डराने-धमकाने की राजनीति कभी काम नहीं करेगी।"

सिसोदिया ने दावा किया कि पंजाब की जनता ने बीजेपी को इस कदर नकारा है कि चुनाव मैदान में उतरे उनके 1,142 उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव देश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा संदेश है कि जनता के काम के आगे केंद्रीय एजेंसियों का डर काम नहीं आता।

कैसा था चुनाव का पूरा ढांचा?

पंजाब राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, यह चुनाव पंजाब की साख का सवाल था। 26 मई को पंजाब के 102 नगर निकायों के कुल 1,897 वार्डों के लिए मतदान हुआ था। इसमें कुल 8 नगर निगम शामिल थे, जिनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट जैसे बड़े शहर शामिल हैं। इसके अलावा 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों के लिए भी इसी दिन वोट डाले गए थे।

इस बार चुनाव बैलेट पेपर (Ballot Papers) के जरिए कराए गए थे, जिसमें जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस चुनाव में कुल 63.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। यह चुनाव पंजाब की सभी चारों प्रमुख पार्टियों— AAP, BJP, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था। इस चुनावी दंगल में कुल 7,554 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। कुल 1,977 वार्डों में से 80 वार्डों में उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध (Unopposed) चुने जा चुके थे।

वार्डों का पूरा गणित: कौन कहां ठहरा?

पंजाब राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, किस पार्टी को कितनी सीटें मिली हैं, उसकी पूरी तस्वीर इस प्रकार है:

आम आदमी पार्टी (AAP): 'आप' इस चुनाव की सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी है। पार्टी के खाते में अब तक 698 वार्ड आ चुके हैं और यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

कांग्रेस (Congress): मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही, लेकिन वह 'आप' के मुकाबले काफी पीछे छूट गई। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने 281 वार्डों में जीत दर्ज की है।

निर्दलीय (Independents): इस चुनाव में आजाद या निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी सबको चौंकाया है। कुल 217 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया है।

शिरोमणि अकाली दल (SAD): पंजाब की सबसे पुरानी क्षेत्रीय पार्टी अकाली दल की हालत इस चुनाव में भी पतली रही। अकाली दल सिर्फ 150 वार्डों पर ही सिमट कर रह गई।

भारतीय जनता पार्टी (BJP): शहरी इलाकों में मजबूत पकड़ का दावा करने वाली बीजेपी को पंजाब की जनता ने पूरी तरह नकार दिया है। बीजेपी को महज 79 वार्डों से संतोष करना पड़ा है।

बहुजन समाज पार्टी (BSP): बीएसपी के खाते में केवल 6 वार्ड आए हैं।

बड़े वीआईपी (VIP) गढ़ों का हाल: कहीं खुशी, कहीं गम

इस निकाय चुनाव में कई हाई-प्रोफाइल सीटें और दिग्गज नेताओं के गढ़ भी दांव पर लगे थे, जहां के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे हैं:

1. गिद्दरबाहा (Gidderbaha): गिद्दरबाहा नगर परिषद के नतीजों ने कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका दिया है। यह इलाका पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का मजबूत किला माना जाता है। लेकिन इस किले को आम आदमी पार्टी ने पूरी तरह ढहा दिया। यहां के 19 वार्डों में से 'आप' ने एकतरफा 17 वार्ड जीत लिए, जबकि कांग्रेस पार्टी को केवल 2 वार्डों से ही संतोष करना पड़ा।

2. धूरी (Dhuri): मुख्यमंत्री भगवंत मान के खुद के विधानसभा क्षेत्र धूरी में आम आदमी पार्टी का डंका बजा। धूरी नगर परिषद के चुनाव में 'आप' ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 वार्डों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बाकी बचे केवल 2 वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए। यहां विपक्ष का खाता तक नहीं खुल सका।

3. चमकौर साहिब (Chamkaur Sahib):

हालांकि, आम आदमी पार्टी को हर जगह जीत नहीं मिली। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के पुराने गढ़ चमकौर साहिब नगर परिषद में कांग्रेस ने अपनी साख बचा ली। यहां कांग्रेस ने शानदार खेल दिखाते हुए 7 वार्डों पर जीत हासिल की। वहीं आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों को केवल 3-3 वार्डों से ही संतोष करना पड़ा।

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