
2 बम धमाकों से दहला पंजाब, सरहद पर आर्मी कैंप - BSF हेडक्वार्टर निशाना
पंजाब में दोहरे धमाकों से दहला सरहदी इलाका। खालिस्तानी संगठन ने ली जिम्मेदारी, 'ऑपरेशन नवा सवेरा' की दी धमकी, NIA की पैनी नजर...
चंडीगढ़/जालंधर/अमृतसर: पंजाब के सीमावर्ती जिलों में मंगलवार की रात दहशत भरी रही। जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय और अमृतसर के खासा स्थित आर्मी कैंप को निशाना बनाकर किए गए धमाकों ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इन हमलों में परिष्कृत विस्फोटक उपकरणों (IED) के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी मामले की कमान संभाल ली है।
अमृतसर: सरहद के पास आर्मी कैंप पर ग्रेनेड हमला
अमृतसर के खासा इलाके में, जो रणनीतिक रूप से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब है, रात लगभग 10:50 बजे एक बड़ी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, एक मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने सेना के कैंप की बाउंड्री वॉल की ओर विस्फोटक फेंका।
एसएसपी सोहेल मीर कासिम ने पुष्टि की कि हमलावरों ने विस्फोटक को हवा में उछालते हुए कैंप के भीतर फेंकने का प्रयास किया, जो गेट नंबर 6 और 7 के बीच की दीवार से टकराकर फट गया। इस भीषण धमाके के प्रभाव से सैन्य क्षेत्र को सुरक्षित करने वाली टीन की शेड उखड़ गई और दीवार को भी क्षति पहुँची। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सुरक्षा बलों ने तत्काल मोर्चा संभाला, हालांकि हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
#WATCH | Jalandhar, Punjab | Remains of the parked two-wheeler, which caught fire near BSF Headquarters, Punjab Frontier, last night. The area has been cordoned off for further investigation.
— ANI (@ANI) May 6, 2026
According to sources, a team from the National Investigation Agency is currently en… pic.twitter.com/xB3tsoRJ4L
जालंधर: BSF मुख्यालय के बाहर धमाका, पूर्व जवान का बेटा और एक अन्य हिरासत में
इससे पहले, जालंधर के फ्रंटियर मुख्यालय बीएसएफ के बाहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब वहां खड़ी एक एक्टिवा में जोरदार धमाका हुआ। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि यह स्कूटी बीएसएफ के ही पूर्व जवान कश्मीर सिंह के नाम पर पंजीकृत है।
पुलिस ने उनके बेटे गुरप्रीत सिंह, जो एक कूरियर कंपनी में कार्यरत है, और उसके एक साथी को तत्काल हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि गुरप्रीत स्कूटी बाहर खड़ी कर मुख्यालय के भीतर पार्सल देने गया था, तभी उसमें आग लगी और फिर विस्फोट हो गया। जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि फॉरेंसिक टीमें इस बात की सूक्ष्मता से जांच कर रही हैं कि क्या स्कूटी में विस्फोटक प्लांट किया गया था या यह कोई तकनीकी खराबी थी।
खालिस्तानी लिंक और 'नवा सवेरा' का खौफनाक दावा
इन धमाकों के बाद सोशल मीडिया पर 'खालिस्तान लिबरेशन आर्मी' (KLA) नामक संगठन का एक कथित पत्र तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस पोस्ट में संगठन ने जालंधर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे 'ऑपरेशन नवा सवेरा' का नाम दिया है। पत्र में दावा किया गया है कि यह हमला शहीद रणजीत सिंह के 'खून का बदला' लेने के लिए किया गया है और ऐसे हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक 'खालिस्तान' आजाद नहीं हो जाता।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस पोस्ट में हमलावरों ने डीआईजी संदीप गोयल और उनके परिजनों को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने की धमकी भी दी है। हालांकि, पंजाब पुलिस के उच्चाधिकारी अभी इस वायरल पोस्ट की सत्यता की जांच कर रहे हैं और इसे मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा मान रहे हैं।
जांच का दायरा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
धमाकों की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को सील कर दिया गया है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने साक्ष्य जुटाए हैं। बाउंड्री वॉल पर मिले लोहे और टिन के अवशेषों को रासायनिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है ताकि विस्फोटक की प्रकृति का पता लगाया जा सके। एनआईए की टीमें भी अमृतसर और जालंधर पहुंच चुकी हैं। पूरे राज्य में, विशेषकर संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी की गई है।

