केरल का अगला CM कौन? राहुल गांधी की मैराथन बैठकें खत्म, आज निर्णय संभव
x
कौन बनेगा मुख्यमंत्री? बाईं ओर से तीन मुख्य दावेदार: के.सी. वेणुगोपाल, वी.डी. सतीशन और रमेश चेन्निथला। फाइल फोटो।

केरल का अगला CM कौन? राहुल गांधी की मैराथन बैठकें खत्म, आज निर्णय संभव

केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए मुख्य रूप से 3 नाम चर्चा में हैं। इनमें वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, वी.डी. सतीशन और AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नाम शामिल हैं


Click the Play button to hear this message in audio format

केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नीत यूडीएफ (UDF) की शानदार जीत के बाद मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बना गतिरोध अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंगलवार को राहुल गांधी ने नई दिल्ली में केरल कांग्रेस के कई पूर्व अध्यक्षों के साथ आमने-सामने चर्चा की। सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर हुई इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री चयन को लेकर जारी अनिश्चितता को समाप्त करना था। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व बुधवार तक किसी अंतिम निर्णय पर पहुंच सकता है। पूर्व केपीसीसी (KPCC) अध्यक्ष मुरलीधरन ने चर्चा के बाद संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि केरल के अगले मुख्यमंत्री पर फैसला कल तक ले लिया जाएगा।

नेतृत्व की रेस में तीन दिग्गज और गुटीय समीकरण

केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए मुख्य रूप से तीन नाम चर्चा में बने हुए हैं। इनमें वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, निवर्तमान विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन और एआईसीसी (AICC) महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नाम शामिल हैं। इन तीनों दावेदारों के पक्ष में अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं। वेणुगोपाल के समर्थकों का दावा है कि उन्हें अधिकांश विधायकों और सांसदों का समर्थन प्राप्त है और वे एक कुशल रणनीतिकार हैं। वहीं, सतीशन के खेमे का तर्क है कि यदि वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो राज्य में दो उपचुनाव कराने पड़ेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में जोखिम भरा हो सकता है। दूसरी ओर, चेन्निथला के समर्थकों का कहना है कि वे सबसे वरिष्ठ नेता हैं और हर कठिन समय में पार्टी और नेहरू-गांधी परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। इसलिए उन्हें अवसर न देना अन्याय होगा।

परामर्श प्रक्रिया और गठबंधन सहयोगियों की भूमिका

मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया को लोकतांत्रिक बनाने के लिए राहुल गांधी ने न केवल दावेदारों बल्कि राज्य के कार्यकारी अध्यक्षों और अनुशासनात्मक समिति के प्रमुखों से भी राय ली है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरण ने जोर देकर कहा है कि मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने से पहले नवनिर्वाचित विधायकों के विचारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस बीच, यूडीएफ के सहयोगी दल 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' (IUML) की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे, जिस पर तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने स्पष्ट किया कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और इसमें सहयोगियों को खींचने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, मुरलीधरन जैसे नेताओं का मानना है कि केवल विधायकों की राय ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की भावनाओं और गठबंधन सहयोगियों के रुख को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

अंतिम निर्णय की ओर बढ़ता कांग्रेस हाईकमान

मल्लिकार्जुन खड़गे मंगलवार शाम बेंगलुरु से दिल्ली लौट आए हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक केरल के नेताओं के साथ सीधे तौर पर कोई बैठक नहीं की है। अब एक महत्वपूर्ण बैठक खड़गे की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी, जिसमें राहुल गांधी द्वारा जुटाए गए फीडबैक पर चर्चा होगी। इसके पश्चात, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अंतिम परामर्श के बाद मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। गौरतलब है कि केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है, जिसमें अकेले कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। 4 मई को परिणाम आने के बाद से ही पूरे राज्य की निगाहें दिल्ली में चल रही इस हलचल पर टिकी हुई हैं।

Read More
Next Story