
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: पहली FIR दर्ज, चंपत राय के ड्राइवर समेत 8 आरोपी
राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में 8 के खिलाफ FIR दर्ज। अनुकल्प और लवकुश मिश्रा गिरफ्तार, चंपत राय का ड्राइवर टिन्नू यादव फरार।
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे (कैश) की चोरी और हेराफेरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस का बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ पहली एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है, जबकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के निजी ड्राइवर सहित 6 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
FIR में 8 आरोपी नामजद; अनुकल्प और लवकुश मिश्रा गिरफ्तार
यह पहली आधिकारिक एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित शिकायत पर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर की गई है:
ये हुए गिरफ्तार: पुलिस ने नामजद आरोपियों में से लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। ये वे लोग हैं जिनका सीधा संबंध कैश के रखरखाव और गिनती से था।
ड्राइवर फरार, तलाश जारी: ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रमाकांत यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम भी इस एफआईआर में प्रमुखता से शामिल है, जो फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। हालांकि, इस एफआईआर में सीधे तौर पर चंपत राय का नाम शामिल नहीं है।
FIR में दर्ज सभी नामजद आरोपियों की सूची:
रमाकांत यादव उर्फ टिन्नू यादव (चंपत राय का ड्राइवर)
लवकुश मिश्रा (गिरफ्तार)
अनुकल्प मिश्रा (गिरफ्तार)
अविनाश शुक्ला
मनीष यादव
रमाशंकर मिश्र
सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
करुणेश पांडे
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन 6 गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस
आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की बेहद सख्त और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है:
धारा 3(5) [सामूहिक जिम्मेदारी]: जब कई लोग एक ही समान मकसद (Common Intention) से मिलकर कोई अपराध करते हैं, तो हर व्यक्ति समान रूप से जिम्मेदार होता है।
धारा 61 [आपराधिक साजिश]: दो या उससे अधिक लोगों द्वारा मिलकर अपराध को अंजाम देने की कूटनीतिक प्लानिंग (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) रचना।
धारा 306 [कर्मचारी द्वारा चोरी]: यदि कोई क्लर्क या नौकर अपने मालिक के कब्जे वाली संपत्ति की चोरी करता है (7 साल तक की जेल और जुर्माना)।
धारा 316(5) [भरोसे का कत्ल/आपराधिक विश्वासघात]: किसी सरकारी कर्मचारी, एजेंट या ट्रस्ट के जिम्मेदार व्यक्ति को सौंपी गई संपत्ति में हेराफेरी करना (आजीवन कारावास या 10 साल तक की जेल)।
धारा 317(4) [चोरी की संपत्ति का लेन-देन]: आदतन चोरी की संपत्ति प्राप्त करना या उसका व्यापार करना (10 साल तक की जेल)।
धारा 317(5) [चोरी का माल छुपाना]: जानबूझकर चोरी की गई संपत्ति को ठिकाने लगाने या छिपाने में मदद करना (3 साल तक की सजा)।
6 दिनों की पड़ताल के बाद SIT ने खोली पोल
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में गबन की शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया था।
60 से अधिक लोगों से पूछताछ: एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में टीम ने लगातार 6 दिनों तक मंदिर का दौरा किया। इस दौरान मंदिर प्रशासन, सुरक्षाकर्मियों, बैंक अधिकारियों और ट्रस्ट से जुड़े 5 दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए गए।
फुटेज डिलीट होने के सबूत: शुरुआती जांच रिपोर्ट में काउंटिंग रूम के सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने और कैश काउंटिंग में बड़े पैमाने पर खेल होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही सरकार ने तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
राम मंदिर के भीतर कैश काउंटिंग की व्यवस्था में हुए 5 बड़े बदलाव
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद मंदिर परिसर के भीतर सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर नियमों को बेहद कड़ा कर दिया गया है, ताकि भविष्य में एक भी रुपये की हेराफेरी न हो सके:
कर्मचारियों का तबादला: कैश काउंटिंग और कलेक्शन से जुड़े पुराने सभी कर्मचारियों को हटाकर फिलहाल दूसरे विभागों में भेज दिया गया है।
बैंक स्टाफ की एंट्री: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब दानपात्र से पैसे निकालने और गिनने के काम में बैंक के नए और पेशेवर कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
कंट्रोल रूम से तीसरी आंख की नजर: सभी कैश काउंटिंग क्षेत्रों में अत्याधुनिक नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक बिल्कुल अलग और सुरक्षित कंट्रोल रूम बनाया गया है।
100% फिजिकल सर्च: काउंटिंग रूम में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले हर कर्मचारी की अब शत-प्रतिशत (पूरी तरह से) तलाशी ली जा रही है।
ट्रिपल क्रॉस वेरिफिकेशन: बैंक में कैश जमा करते समय अब तीन अलग-अलग अधिकृत व्यक्ति क्रॉस वेरिफिकेशन करेंगे और रसीद पर तीनों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य कर दिया गया है।
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