
जानिए कौन हैं सम्राट चौधरी, जो होंगे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री, लेंगे नीतीश कुमार की जगह
बिहार की राजनीति में अब नीतीश युग समाप्त हो गया है। नीतीश कुमार के बिहार के CM पद से इस्तीफा देने के बाद अब नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई है। सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री होंगे।
कौन हैं सम्राट चौधरी?
16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार के एक बड़े और प्रतिष्ठित समाजवादी नेता रहे हैं। शकुनी चौधरी कभी लालू प्रसाद यादव के बेहद खास हुआ करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी राजनीतिक दिशा बदली और नीतीश कुमार के साथ हो गए।
सम्राट चौधरी ने अपने पिता के सानिध्य में ही राजनीति के क, ख, ग सीखे थे। मजे की बात यह है कि जिस आरजेडी (RJD), लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी आज जमकर विरोध करते हैं, उसी लालू प्रसाद यादव की पाठशाला में उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। उन्होंने आरजेडी से ही राजनीति का पहला सबक सीखा था।
सम्राट चौधरी होंगे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री बनने तक के अपने सफर में उन्होंने कई राजनीतिक मिथक तोड़ दिए हैं। वह बिहार के दूसरे ऐसे नेता हैं जो पहले उपमुख्यमंत्री रहे और उसके बाद अब मुख्यमंत्री बने हैं।
अब तक बिहार में जननायक कर्पूरी ठाकुर एकमात्र ऐसे नेता रहे हैं जो पहले डिप्टी सीएम रहे और बाद में मुख्यमंत्री बने थे। राज्य के कई दिग्गज नेता, जैसे सुशील कुमार मोदी, तार किशोर प्रसाद, विजय कुमार सिन्हा, तेजस्वी यादव और पहले उपमुख्यमंत्री बनने वाले अनुग्रह नारायण सिंह भी इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए थे। वहीं पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने वाली रेणु देवी भी सीएम नहीं बन सकी थीं। सम्राट चौधरी ने अब उस सूची में अपना नाम लिखवा लिया है, जिस सूची में अब तक एकमात्र नाम कर्पूरी ठाकुर का था।
आरजेडी, जेडीयू के बाद बीजेपी में 'सम्राट'
सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने अपने सफर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ की थी। हालांकि, बाद में वह जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल हो गए। 2014 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी जगह पर जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया था, तब सम्राट चौधरी जीतन राम मांझी की सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
जनता दल यूनाइटेड छोड़ने के बाद, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा। बीजेपी में शामिल होने के बाद, वह लगातार पार्टी के लिए काम करते रहे और अब वह राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन होने जा रहे हैं। उनका शपथ ग्रहण समारोह लोकभवन में होगा, जो बिहार की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह राज्य की कमान कैसे संभालते हैं और उनकी सरकार बिहार के विकास के लिए क्या कदम उठाती है।

