उद्धव गुट में बड़ी बगावत के आसार दिल्ली पहुंचे कई सांसदों के फोन बंद
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उद्धव गुट में बड़ी बगावत के आसार दिल्ली पहुंचे कई सांसदों के फोन बंद

शिवसेना यूबीटी के कई लोकसभा सांसदों के फोन बंद होने से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और बागी सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के कयास हैं।


Opertaion Tiger in Shivsena UBT: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। वजह है शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के फोन का अचानक स्विच ऑफ हो जाना। उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता अपने इन लोकसभा सांसदों से संपर्क करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनसे बात नहीं हो पा रही है। इस बीच अंदरूनी असंतोष की खबरें तेज हो गई हैं और पार्टी के कई अहम चेहरे देश की राजधानी दिल्ली पहुंच चुके हैं। खुद उद्धव ठाकरे और अन्य बड़े नेता अपने इन सांसदों को मनाने की कोशिशों में जुटे हैं लेकिन फिलहाल इसके बावजूद कुछ सांसद 'नॉट रीचेबल' बने हुए हैं।


श्रीकांत शिंदे के दिल्ली आवास पर होगी अहम बैठक
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उद्धव गुट के बागी सांसद बुधवार सुबह दिल्ली में श्रीकांत शिंदे के आवास पर बैठक करने वाले हैं। इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे के भी मौजूद रहने की पूरी संभावना है। इस बैठक के बाद ही आगे की रणनीति और औपचारिक कदम तय किए जाएंगे।

स्पीकर ओम बिरला से मिलकर अलग गुट बनाने की तैयारी
शिंदे आवास पर होने वाली बैठक के बाद ये सभी सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार ये सांसद सबसे पहले लोकसभा के भीतर एक अलग गुट बनाने की कानूनी प्रक्रिया को पूरा करेंगे। इसके बाद इस नए बने गुट का विलय सीधे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली असली शिवसेना में कर दिया जाएगा।

उद्धव गुट के इन सात सांसदों के पाला बदलने की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद सीधे तौर पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं। इन सांसदों में संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही राजाभाऊ वाजे के भी इन छह सांसदों के साथ शामिल होने की तेज अफवाहें हैं।

उद्धव के वफादार नेता भी डैमेज कंट्रोल के लिए दिल्ली रवाना
इस बड़े संकट को देखते हुए उद्धव ठाकरे के बेहद वफादार माने जाने वाले लोकसभा सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई बुधवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत पहले से ही देश की राजधानी में डेरा डाले हुए हैं। तृणमूल कांग्रेस में हुए हालिया घटनाक्रम की तर्ज पर ही शिवसेना (यूबीटी) में इस बगावत के कयास मंगलवार से ही गहरे हो गए थे।

शिंदे गुट के मंत्री प्रताप सरनाईक ने दिए स्वागत के संकेत
सत्ताधारी शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने संकेत दिया है कि यदि बागी सांसद उनके साथ आते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। सरनाईक ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को अपने नेतृत्व पर भरोसा नहीं है और वे बालासाहेब के आदर्शों तथा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर विश्वास करते हैं, तो हमारे दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं।

संजय देशमुख की प्रतापराव जाधव से मुलाकात के बाद बढ़ा शक
यह पूरी सियासी हलचल तब और तेज हो गई जब सोमवार को दिल्ली में उद्धव गुट के सांसद संजय देशमुख ने केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात की। इससे पहले देशमुख ने पारिवारिक कारणों का हवाला देकर रविवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक से भी दूरी बना ली थी। इस मुलाकात के बाद उनके पाला बदलने की अटकलों को काफी हवा मिली।

उद्धव ठाकरे की बैठक में भौतिक रूप से पहुंचे थे सिर्फ चार सांसद
रविवार को मुंबई में हुई बैठक में सांसदों की कम मौजूदगी ने पहले ही खतरे की घंटी बजा दी थी। पार्टी के कुल नौ लोकसभा सांसदों में से केवल चार सांसद ही वहां व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे। इनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल शामिल थे, जबकि बाकी सांसदों ने केवल ऑनलाइन या फोन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।

बाकी पांच सांसदों ने दूरी बनाने के लिए दिए निजी कारण
संजय देशमुख के अलावा ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और नागेश बापूराव पाटिल आष्टीकर इस बैठक में केवल वर्चुअली शामिल हुए थे। वहीं संजय जाधव ने केवल फोन पर उद्धव ठाकरे से बात की थी। इन पांचों सांसदों ने बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल न होने के पीछे अपने अलग-अलग निजी कामों और व्यस्तताओं का हवाला दिया था।


संजय राउत ने लगाया सांसदों को 15 करोड़ का एडवांस देने का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली पहुंचे संजय राउत ने कहा कि मीडिया में पार्टी को लेकर गलत तस्वीर दिखाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सभी सांसद मजबूती से उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं। इसके साथ ही राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का एडवांस दिया जा रहा है।

पार्टी के कैडर और 60 साल के इतिहास पर भरोसा
संजय राउत और अनिल देसाई दोनों ने ही पार्टी में किसी भी तरह की टूट की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) ने सत्ताधारी दल द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन टाइगर' की खबरों को भी पूरी तरह से अफवाह बताया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि उनका संगठन कैडर आधारित है और अपने 60 साल के लंबे इतिहास के दम पर वे इस चुनौती से पार पा लेंगे।


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