
शिवसेना UBT में बड़ी टूट! आज एलान कर सकते हैं 6 बागी सांसद
उद्धव ठाकरे गुट को बड़े झटके की संभावना। 6 लोकसभा सांसद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने का एलान कर सकते हैं। जानें इनसाइड स्टोरी।
Shivshena UBT Crisis: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर भारी हलचल है और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली 'शिवसेना (UBT)' पर एक और बड़े विभाजन का खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पिछले कई दिनों से चल रही गुप्त वार्ताओं के बाद, उद्धव गुट के 6 बागी लोकसभा सांसद आज (रविवार, 21 जून 2026) एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। राजनीतिक हलकों में पुरजोर संभावना जताई जा रही है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये सांसद आधिकारिक तौर पर उद्धव गुट से अलग होने और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का एलान कर सकते हैं।
'इंडिया टुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संभावित एलान के दौरान सांसद लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) ओम बिरला से हुई अपनी मुलाकात की तस्वीरें, वीडियो फुटेज और अलग होने के पत्र की कॉपी भी मीडिया के सामने जारी कर सकते हैं, जिसमें पार्टी छोड़ने की वजहों का खुलासा होने की उम्मीद है।
'ऑपरेशन टाइगर' की सुगबुगाहट: दिल्ली से लेकर नोएडा तक की इनसाइड स्टोरी
उद्धव गुट के सांसदों में लगी इस कथित सेंधमारी को 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया जा रहा है। हालांकि अभी अंतिम घोषणा होना बाकी है, लेकिन पिछले तीन दिनों का घटनाक्रम इसी बड़ी टूट की ओर इशारा कर रहा है:
विप (Whip) को ठेंगा और नोएडा में डेरा: दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में ये 6 सांसद—संजय जाधव, संजय देशमुख, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल अष्टिकर और संजय दीना पाटिल—शामिल नहीं हुए थे। खबरों के मुताबिक, ये सभी सांसद देश के अलग-अलग हिस्सों से गुपचुप दिल्ली पहुंचे थे और नोएडा के एक होटल में रुके थे, जहां इनकी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके बेटे श्रीकांत शिंदे से गुप्त बैठक हुई थी।
स्पीकर ओम बिरला से मिलने की खबर: सूत्रों का दावा है कि 18 जून की सुबह ही इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर ली थी और शिंदे गुट में अपने विलय का पत्र सौंपते हुए संसद में अपनी सीटें बदलने का अनुरोध किया था।
आज मुंबई में जुटने की उम्मीद: पार्टी द्वारा जारी किए गए 'कारण बताओ नोटिस' का इन सांसदों ने कोई जवाब नहीं दिया है। बताया जा रहा है कि आज होने वाली इस संभावित प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए दो सांसद चेन्नई से और दो कोलकाता से सीधे मुंबई पहुंच रहे हैं। इसके बाद सभी सांसदों की एकनाथ शिंदे से मिलने की भी संभावना है।
धाराशिव सांसद ओमराजे निंबालकर के स्टैंड पर टिकी निगाहें
इस पूरे घटनाक्रम के बीच उस्मानाबाद (धाराशिव) के सांसद ओमराजे निंबालकर को लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। उद्धव गुट को उम्मीद है कि शायद निंबालकर ऐन वक्त पर अपना इरादा बदल लें।
दरअसल, शनिवार (20 जून 2026) को एक विशेष अदालत ने ओमराजे निंबालकर के पिता और कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर की 2006 में हुई हत्या के मामले में पूर्व एनसीपी मंत्री पद्मसिंह पाटिल समेत सभी 8 आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले से निराश ओमराजे ने बेहद भावुक होकर कहा, "अच्छे लोगों को निराशा ही हाथ लगती है, यह कलयुग है।" उन्होंने साफ किया कि वे इस अदालती फैसले के बाद अपने राजनीतिक भविष्य और स्टैंड का फैसला अपने क्षेत्र की जनता से बातचीत करने के बाद ही लेंगे।
डैमेज कंट्रोल में जुटा मातोश्री, राउत ने दावों को नकारा
इस बड़े संकट को भांपते हुए आदित्य ठाकरे ने बागियों के लिए नरमी दिखाते हुए कहा था कि जो वापस आना चाहते हैं उनका स्वागत है क्योंकि उद्धव जी का दिल बहुत बड़ा है। वहीं, राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इन खबरों को खारिज करते हुए दावा किया था कि सांसद कहीं नहीं जा रहे हैं और वे 'मातोश्री' की बैठक में वर्चुअली जुड़े थे।
लेकिन हकीकत इसके उलट दिख रही है क्योंकि बागी सांसद संजय जाधव को शिंदे गुट के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के साथ बैठक करते देखा गया है। अब सबकी नजरें आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं कि क्या ये 6 सांसद वाकई बगावत का औपचारिक एलान करते हैं या उद्धव गुट इन्हें रोकने में कामयाब होता है।

