
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में सख्त कार्रवाई की तैयारी, रिपोर्ट आज संभव
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने 150 संदिग्धों की पहचान की है। 2 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं और कई ट्रस्ट पदाधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी शुरुआती रिपोर्ट सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। रविवार शाम जांच टीम मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी, लेकिन मानसून सत्र और अन्य निर्धारित बैठकों में व्यस्तता के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।
7 पेन ड्राइव में सुरक्षित किया गया जांच का डेटा
छह दिनों तक चली गहन जांच के दौरान SIT ने बड़ी मात्रा में सबूत जुटाए हैं, जिन्हें सात पेन ड्राइव में सुरक्षित किया गया है। जांच में अब तक करीब 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें से लगभग 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
जिन लोगों से SIT पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या छोड़कर कहीं बाहर न जाने की चेतावनी दी गई है। इनमें राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी शामिल हैं।
रामशंकर उर्फ टिन्नू पर जांच का फोकस
जांच के दौरान SIT ने राम मंदिर परिसर में प्रभाव रखने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से लगभग रोजाना पूछताछ की। टीम ने उसके करीबी लोगों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी संपत्तियों की भी जानकारी जुटाई है।
सीसीटीवी फुटेज से लेकर बैंकिंग प्रक्रिया तक की जांच
SIT ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया, दान राशि के रखरखाव और बैंक तक धनराशि पहुंचाने की व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की। छठे दिन टीम ने सभी आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों का विवरण भी एकत्र किया।इसके अलावा, मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त धनराशि के उपयोग, कथित अनावश्यक खर्चों और भूमि खरीद से जुड़े मामलों की भी जांच की गई। टीम ने वर्ष 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड खंगाले और बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की।
अब तक 2 करोड़ रुपये की रिकवरी
चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार या जांच के दायरे में आए पांच लोगों—लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू—की निशानदेही पर अब तक करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है।ये सभी लोग मंदिर में दान राशि की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे। 13 जून को मंदिर ट्रस्ट कर्मचारी टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ था, हालांकि उसकी वास्तविक मात्रा और मूल्य की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राजनीतिक विवाद भी हुआ तेज
समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की चोरी हुई है। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए न्यायिक जांच की मांग की थी।वहीं, चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि अभी तक चोरी की पुष्टि करने वाला कोई तथ्य सामने नहीं आया है।
मामला बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की थी। इसके अगले दिन प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने राम मंदिर ट्रस्ट से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली।
नृपेंद्र मिश्रा का बड़ा बयान
राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व IAS अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे पर खुलेआम डाका डाला गया है।एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंदिर का पूरा प्रबंधन बदलने की जरूरत है क्योंकि यह श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ बड़ा विश्वासघात है। उन्होंने बैंक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया।
मिश्रा के अनुसार, अब तक सामने आए तथ्यों से स्पष्ट है कि चढ़ावे की गिनती और निगरानी व्यवस्था लगभग निष्क्रिय थी। उन्होंने कहा कि बैंक और ट्रस्ट के बीच हुए समझौते में दान राशि की गिनती और उसके रिकॉर्ड की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से बैंक को सौंपी गई थी, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही सामने आई है।

