
क्या मैं अंधी हूं? थाने में पुलिस पर भड़कीं सपा सांसद इकरा हसन
यूपी के सहारनपुर में हत्या मामले को लेकर सपा सांसद इकरा हसन थाने में धरने पर बैठ गईं। पुलिस पर बदसलूकी और समर्थकों को फंसाने के आरोप लगाए।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद इकरा हसन और पुलिस प्रशासन के बीच हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। थाने के अंदर धरने पर बैठीं इकरा हसन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल उठाती नजर आ रही हैं। सांसद का आरोप है कि पुलिस ने न केवल उनके समर्थकों के साथ सख्ती की, बल्कि उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
हत्या के मामले से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला दशाले गांव में युवक मोनू की हत्या से जुड़ा है। मृतक के परिवार का आरोप है कि उन्हें अब तक इंसाफ नहीं मिला और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है।इसी सिलसिले में मृतक की मां अधिकारियों से मिलने सहारनपुर के डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। उनके साथ सांसद इकरा हसन और कुछ समर्थक भी मौजूद थे। सांसद का आरोप है कि पीड़ित परिवार की बात सुनने के बजाय पुलिस ने वहां सख्ती शुरू कर दी।
कुछ ही देर बाद हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस ने सांसद के कई समर्थकों को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि पांच लोगों को शांति भंग की धाराओं में जेल भेज दिया गया। वहीं, इकरा हसन को भी कुछ समय के लिए महिला थाने ले जाया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।यहीं से यह मामला पूरी तरह राजनीतिक टकराव में बदल गया।
वायरल वीडियो में पुलिस पर गंभीर आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इकरा हसन पुलिस अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह कहती हैं:“अकेले में तो ये बेइज्जती करते हैं… जो लेडीज थीं, हमें धक्का मारकर ले आ रही थीं। अब कह रहे हैं ऐसा कुछ नहीं हुआ। क्या मैं अंधी हूं?”
वीडियो में वह महिला पुलिसकर्मियों की तरफ इशारा करते हुए पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाती हैं। सांसद का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद भी पुलिस घटना से इनकार कर रही है।
समर्थकों की गिरफ्तारी के बाद थाने पहुंचीं सांसद
जैसे ही इकरा हसन को जानकारी मिली कि उनके समर्थकों को जेल भेज दिया गया है, वह सीधे थाने पहुंच गईं। वहां पहुंचकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सवाल-जवाब शुरू कर दिए।कुछ ही देर में उनके समर्थकों की भीड़ भी थाने के बाहर जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद सांसद थाने के अंदर ही धरने पर बैठ गईं।करीब तीन घंटे तक थाने के अंदर और बाहर हाईवोल्टेज हंगामा चलता रहा।
“हमें इंसाफ चाहिए”
धरने के दौरान इकरा हसन कई बार भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि जिस मां का बेटा मारा गया, उसी परिवार को जेल भेज दिया गया।सांसद ने कहा: “हम सिर्फ यह पूछने आए थे कि पीड़ित परिवार का कसूर क्या है? अगर इंसाफ मांगना अपराध है तो हमें भी जेल भेज दो।”एक समय ऐसा भी आया जब गुस्से में उन्होंने कहा: “हमें इंसाफ चाहिए। गोली मार दो, फांसी पर चढ़ा दो, लेकिन हम इंसाफ लेकर रहेंगे।”
पुलिस के व्यवहार पर उठाए सवाल
इकरा हसन ने पुलिस के रवैये को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। वायरल वीडियो में वह कहती नजर आती हैं:“अगर एक सांसद के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा?”उन्होंने कहा कि वर्दी के अंदर इंसानियत भी होनी चाहिए और जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
बिजली गुल होने से बढ़ा विवाद
धरने के दौरान कुछ देर के लिए थाने की बिजली भी चली गई। इसके बाद समर्थकों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर दबाव बनाने के लिए बिजली काटी गई।हालांकि कुछ समय बाद बिजली वापस आ गई, लेकिन तब तक माहौल और ज्यादा गरमा चुका था। थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारी लगातार स्थिति संभालने में जुटे रहे।
“पीड़ित की भी नहीं सुनी जाएगी तो कौन सुनेगा?”
धरने के दौरान इकरा हसन ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित परिवार की भी नहीं सुनी जाएगी तो जनता आखिर इंसाफ के लिए कहां जाएगी।सांसद ने इस मामले को सामाजिक पहलू से भी जोड़ते हुए कहा कि मृतक परिवार कश्यप समाज से आता है और भाजपा को वोट देता रहा है। उन्होंने कहा:“वो महिला मुसलमान नहीं थी, कश्यप समाज से थी, फिर भी उनके साथ ऐसा हुआ।”
तीन घंटे बाद खत्म हुआ धरना
करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद देर रात सिटी मजिस्ट्रेट थाने पहुंचे। अधिकारियों और सांसद के बीच बातचीत हुई।इसके बाद प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जेल भेजे गए समर्थकों की जमानत मंजूर हो गई है और उन्हें सुबह रिहा कर दिया जाएगा।इसी आश्वासन के बाद इकरा हसन ने धरना समाप्त करने का ऐलान किया। धरना खत्म करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी मांग मान ली गई है और अब उनके समर्थकों को रिहा किया जाएगा।
पुलिस ने क्या कहा?
पूरे मामले पर एसपी सिटी व्योम बिंदल ने कहा कि विरोध प्रदर्शन को लेकर नियमानुसार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि सांसद से बातचीत हो चुकी है और अब हालात सामान्य हैं।हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस की ओर से अब तक कोई विस्तृत सफाई सामने नहीं आई है।

