लापता से लॉकअप तक, सपा प्रवक्ता मनोज यादव की गिरफ्तारी से हलचल
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लापता से लॉकअप तक, सपा प्रवक्ता मनोज यादव की गिरफ्तारी से हलचल

सपा प्रवक्ता मनोज यादव की गुमशुदगी की तहरीर के बीच पुलिस ने बाराबंकी से उन्हें धमकी और जातिसूचक टिप्पणी के केस में गिरफ्तार कर जेल भेजा।


मेरे पति बिना बताए कहीं नहीं जाते। पिछले दो दिन से उनके बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि उस शख्स को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सफदरगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज यादव के बारे में उनकी पत्नी ने गोमतीनगर थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। अब जो शख्स लापता था उसकी गिरफ्तारी क्यों हुई है। दरअसल मनोज यादव के खिलाफ धमकी देने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था। अब इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

गुमशुदगी की तहरीर के बाद गिरफ्तारी

मनोज यादव की गिरफ्तारी से पहले उनकी पत्नी प्रभा यादव ने लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि मनोज यादव 12 फरवरी को एक तिलक समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले थे, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया और दो दिनों तक उनका कोई पता नहीं चला।

कौन हैं मनोज यादव?

मनोज यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं और अक्सर पीडीए समेत विभिन्न मुद्दों पर टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखते नजर आते हैं। वह पहले मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता की गिरफ्तारी से सपा खेमे में हड़कंप की स्थिति है।

क्यों हुई गिरफ्तारी?

पुलिस के मुताबिक, 11 फरवरी को लखनऊ के सफदरगंज थाने में उनके खिलाफ धमकी देने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान उनकी लोकेशन बाराबंकी में मिली। इसके बाद सफदरगंज पुलिस ने बाराबंकी पुलिस की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मनोज यादव को कड़ी सुरक्षा के बीच बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

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