ट्रांसफॉर्मर टेंडर घोटाले में सेंथिल बालाजी को झटका, CBI जांच पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
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ट्रांसफॉर्मर टेंडर घोटाले में सेंथिल बालाजी को झटका, CBI जांच पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी के कार्यकाल में हुए ट्रांसफॉर्मर टेंडर घोटाले की CBI जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।


सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (11 मई) को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को झटका दिया। अदालत ने उनके के कार्यकाल के दौरान दिए गए ट्रांसफॉर्मर टेंडरों में कथित अनियमितताओं की जांच CBI को सौंपने के मद्रास हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया।यह मामला उस आदेश से जुड़ा है जिसमें मद्रास हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में ट्रांसफॉर्मर टेंडर आवंटन में गड़बड़ियों के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने का निर्देश दिया था। यह टेंडर उस समय जारी किए गए थे जब सेंथिल बालाजी 2021 से 2023 के बीच तमिलनाडु सरकार में बिजली, मद्यनिषेध और आबकारी मंत्री थे।

सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल

सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश को चुनौती देते हुए कई अपीलें दाखिल की गई थीं। इनमें तमिलनाडु जेनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (TANGEDCO) की ओर से दाखिल याचिका भी शामिल थी।हालांकि सुनवाई के दौरान TANGEDCO ने अपनी अपील वापस लेने का फैसला किया। वहीं, इस मामले से जुड़ी वी. कासी की अलग याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच कर रही थी। बेंच ने हाईकोर्ट के CBI जांच संबंधी आदेश पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया।

कोर्ट ने कहा — जांच के लिए अलग से मांग जरूरी नहीं

सुनवाई के दौरान TANGEDCO के अधिकारी वी. कासी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि मद्रास हाईकोर्ट में CBI जांच की कोई विशेष मांग नहीं की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

दवे ने अदालत में कहा, “हाईकोर्ट के सामने CBI जांच की कोई प्रार्थना नहीं थी। यह राजनीतिक मकसद से प्रेरित मामला है।”इस पर जस्टिस विक्रम नाथ ने स्पष्ट किया कि यदि अदालत को परिस्थितियां उचित लगें तो वह खुद भी जांच एजेंसी बदलने का आदेश दे सकती है। बेंच ने कहा, “हमें किसी विशेष प्रार्थना की जरूरत नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि अदालत परिस्थितियों को कैसे देखती है।”

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका सुनने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा, “हम इस SLP पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं।”हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि CBI जांच पूरी तरह स्वतंत्र तरीके से होनी चाहिए और मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

सेंथिल बालाजी के कार्यकाल से जुड़ा मामला

यह पूरा मामला उन ट्रांसफॉर्मर टेंडरों से जुड़ा है जो सेंथिल बालाजी के बिजली मंत्री रहते हुए जारी किए गए थे। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई थीं।मद्रास हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच राज्य एजेंसियों से हटाकर CBI को सौंपने का आदेश दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।

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