
शुभेंदु अधिकारी ने सरकार बनाने का दावा किया पेश, शनिवार को सीएम पद की शपथ
शुभेंदु अधिकारी बंगाल के अगले सीएम होंगे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने उनके नाम का प्रस्ताव किया।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। शनिवार सुबह 11 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगाई गई। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी के नाम का औपचारिक ऐलान किया गया।
समिक भट्टाचार्य ने रखा प्रस्ताव
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा। पार्टी विधायकों ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव का समर्थन किया और उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया।इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
नंदीग्राम और भवानीपुर से दर्ज की बड़ी जीत
55 वर्षीय शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में दो महत्वपूर्ण सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से जीत हासिल की है। भवानीपुर सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को हराकर सबसे बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की। यह सीट लंबे समय से ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है।नंदीग्राम में भी शुभेंदु अधिकारी ने अपनी राजनीतिक पकड़ बरकरार रखी।
पंचायत से मुख्यमंत्री तक
पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले शुभेंदु अधिकारी अब राज्य के शीर्ष पद तक पहुंच चुके हैं। पंचायत राजनीति से शुरुआत करने वाले शुभेंदु अधिकारी अब पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।उनका राजनीतिक सफर संघर्ष, संगठन और बड़े राजनीतिक बदलावों से भरा रहा है।
राजनीतिक परिवार से संबंध
शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले में हुआ था।वे एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में राजनीति उन्हें विरासत में मिली।हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने अपनी अलग पहचान जमीनी राजनीति और जन आंदोलनों के जरिए बनाई।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत स्थानीय स्तर की राजनीति से की। उन्होंने पंचायत राजनीति से लेकर संसद तक का लंबा सफर तय किया।साल 2005 में वे पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2009 और फिर 2014 में तामलुक लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।उनकी संगठन क्षमता और क्षेत्र में मजबूत पकड़ ने उन्हें बंगाल की राजनीति में तेजी से बड़ा चेहरा बना दिया।
नंदीग्राम आंदोलन से मिली बड़ी पहचान
शुभेंदु अधिकारी को सबसे बड़ी राजनीतिक पहचान नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से मिली।इस आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें राज्यभर में लोकप्रिय बना दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इसी आंदोलन ने उन्हें “मेदिनीपुर का बादशाह” बना दिया।नंदीग्राम आंदोलन ने पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा बदलने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
टीएमसी छोड़ बीजेपी में शामिल हुए
लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने दिसंबर 2020 में पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए।उनका बीजेपी में जाना बंगाल की राजनीति का बड़ा मोड़ माना गया।इसके बाद वे राज्य में बीजेपी के सबसे आक्रामक और प्रभावशाली नेताओं में शामिल हो गए।
ममता बनर्जी को हराकर सुर्खियों में
2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी पहचान बनाई।यह जीत बीजेपी के लिए प्रतीकात्मक और राजनीतिक दोनों लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी गई।
नेता प्रतिपक्ष से मुख्यमंत्री तक
2021 से 2026 तक शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।इस दौरान उन्होंने राज्य में बीजेपी को मजबूत विपक्ष के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अब बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालने जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में राज्य में बीजेपी के नए राजनीतिक दौर की शुरुआत मानी जा रही है।

