तमिलनाडु में मतगणना की तैयारी पूरी, जानें कब और कैसे आएंगे नतीजे
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फाइल फोटो।

तमिलनाडु में मतगणना की तैयारी पूरी, जानें कब और कैसे आएंगे नतीजे

निर्वाचन आयोग ने राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक भागीदारी की पुष्टि की; 85.1 प्रतिशत मतदान के साथ बना नया रिकॉर्ड, 4 मई को होगी मतगणना...


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चेन्नई, 3 मई 2026: नौ दिनों के इंतजार के बाद, भारत निर्वाचन आयोग (EC) ने 23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के अंतिम मतदान आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों ने राज्य के चुनावी इतिहास में मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी का खुलासा किया है।

ऐतिहासिक मतदान: 85.1 प्रतिशत टर्नआउट

आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु के कुल 5.73 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 4,87,98,833 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके साथ ही राज्य का कुल मतदान प्रतिशत 85.1 प्रतिशत तक पहुँच गया है। यह 2021 के विधानसभा चुनाव में दर्ज 73.63 प्रतिशत की तुलना में एक बड़ी छलांग है और तमिलनाडु के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।

पिछले चुनावों का तुलनात्मक विवरण...

2021 चुनाव: 73.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

2016 चुनाव: 5,77,91,397 मतदाताओं में से 4,32,34,665 ने वोट डाला था (74.81 प्रतिशत)।

2011 चुनाव: 4,71,15,846 मतदाताओं में से 3,68,86,226 ने मतदान किया था (78.29 प्रतिशत)।

इससे पहले, मतदान के पूर्ण आंकड़े (absolute figures) जारी करने में देरी को लेकर निर्वाचन आयोग को द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों की आलोचना का सामना करना पड़ा था।

महिलाओं का दबदबा बरकरार

आंकड़ों से पता चलता है कि एक बार फिर मतदान में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही। राज्य में 2.52 करोड़ से अधिक महिलाओं ने मतदान किया, जबकि पुरुषों की संख्या 2.35 करोड़ से कुछ अधिक रही। इस प्रकार, महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में लगभग 17.25 लाख अधिक वोट डाले। तमिलनाडु में यह रुझान 2011 से लगातार देखा जा रहा है।

तीसरे लिंग (Third Gender) के मतदाताओं में, 7,728 पंजीकृत मतदाताओं में से 4,517 ने चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया। सुलूर निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 77 ट्रांसजेंडर मतदाताओं ने मतदान किया।

मतदान प्रतिशत में इस भारी वृद्धि का एक कारण मतदाता सूची का 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) भी माना जा रहा है, जिसके तहत करीब 57 लाख नामों को सूची से हटाया गया था। इससे चुनाव से पहले कुल मतदाता संख्या 6.29 करोड़ से घटकर 5.73 करोड़ रह गई थी।

मतगणना के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा

4 मई को होने वाली मतगणना के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। निर्वाचन आयोग ने राज्य भर में 62 मतगणना केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें ईवीएम (EVM) की गिनती के लिए 234 हॉल और पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) के लिए 240 हॉल निर्धारित किए गए हैं। कुल 10,545 मतगणना कर्मी और 4,624 माइक्रो-ऑब्जर्वर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतगणना के दिन त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 65 कंपनियों के साथ-साथ राज्य और स्थानीय पुलिस कर्मी शामिल होंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि मतगणना सुबह 8:00 बजे डाक मतपत्रों के साथ शुरू होगी, इसके बाद सुबह 8:30 बजे से ईवीएम की गिनती शुरू होगी। पटनायक ने कहा, "संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के राउंड-वार परिणाम घोषित किए जाएंगे और यही डेटा ECINET ऐप पर भी दिखाई देगा।"

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